रवाना हुई देश की पहली Driverless Metro, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड भी जारी | Ravana hui desh ki pehli driver less metro

रवाना हुई देश की पहली Driverless Metro, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड भी जारी

रवाना हुई देश की पहली Driverless Metro, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड भी जारी

देश को पहली ड्राइवरलेस यानी बिना ड्राइवल की मेट्रो ट्रेन मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका शुभारंभ किया। देश की यह पहली ड्राइवरलेस मेट्रो मजेंटा लाइन पर बोटेनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम के बीच चली है। इस मौके पर पीएम मोदी नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) भी जारी किया। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) का कहना है कि चालक रहित मेट्रो ट्रेनें (Driverless Metro) पूरी तरह ऑटोमेटिक होंगी, जिनमें मानवीय हस्तक्षेप की न्यूनतम आवश्यकता होगी। इससे मानवीय गलतियों के कारण परिचालन प्रभावित होने की आशंका खत्म हो जाएगी। ये ट्रेनें मेट्रो भवन में बने केंद्रीय कंट्रोल रूम से कमांड देकर चलाई जाएंगी। अभी इस कारिडोर पर 5 मिनट 12 सेकंड के अंतराल पर मेट्रो का परिचालन होता है। इसका फायदा यह है कि यात्रियों का दबाव बढ़ने पर महज 90 सेकंड के अंतराल पर मेट्रो ट्रेन चलाई जा सकेगी यानी मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकेगी।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, मुझे आज से लगभग 3 साल पहले मजेंटा लाइन के उद्घाटन का सौभाग्य मिला था। आज फिर इसी रुट पर देश की पहली ऑटोमेटिड मेट्रो का उद्घाटन करने का अवसर मिला। ये दिखाता है कि भारत कितनी तेजी से स्मार्ट सिस्टम की तरफ आगे बढ़ रहा है। आज नेशनल कॉमन मॉबिलिटी कार्ड से भी मेट्रो जुड़ रही है। पिछले साल अहमदाबाद से इसकी शुरुआत हुई थी। आज इसका विस्तार दिल्ली मेट्रो की एयर पोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर हो रहा है। कुछ दशक पहले जब urbanisation का असर और urbanisation का भविष्य, दोनों ही बिल्कुल साफ था तो उस समय एक अलग ही रवैया देश ने देखा। भविष्य की जरुरतों को लेकर उतना ध्यान नहीं था, आधे-अधूरे मन से काम होता था, भ्रम की स्थिति बनी रहती थी। इस सोच से अलग, आधुनिक सोच ये कहती है शहरीकरण को चुनौती ना मानकर एक अवसर की तरह इस्तेमाल किया जाए। एक ऐसा अवसर जिसमें हम देश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकते हैं। एक ऐसा अवसर जिससे हम Ease of Living बढ़ा सकते हैं। सोच का ये अंतर शहरीकरण के हर आयाम में दिखता है।

मई-जून 2021 में होगा विस्तार

जल्द ही ड्राइवरलेस मेट्रो का विस्तार भी किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, मजेंटा लाइन के 37 किमी हिस्से पर Driverless Metro शुरू होने के बाद अगले साल मई-जून तक पिंक लाइन (शिव विहार-मजलिस पार्क) पर भी यह मेट्रो चलेगी। पिंक लाइन करीब 57 किमी लंबी है। इससे दिल्ली मेट्रो के 94 किमी हिस्से पर Driverless Metro रफ्तार भरने लगेगी, जो दुनिया के बगैर चालक वाले कुल मेट्रो नेटवर्क का 9 फीसद हिस्सा होगा। मौजूदा समय में दुनिया के कुल मेट्रो नेटवर्क के सिर्फ 7 फीसद हिस्से पर चालक रहित मेट्रो का परिचालन हो रहा है।

रुपे डेबिट कार्ड एनसीएमसी के रूप में होगा इस्तेमाल

नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) भी यात्रियों के लिए बहुत लाभकारी होगा। जारी होने के बाद एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर इस कार्ड से सबसे पहले किराया भुगतान हो सकेगा। रुपे डेबिट कार्ड एनसीएमसी के रूप में काम करेगा। देशभर के 23 बैंक एनसीएमसी के नियम का पालन करते हैं, इसलिए रुपे डेबिट कार्ड धारक यात्री एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर किराया भुगतान कर सकेंगे।

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