ग्राम कोटवार की शासकीय भूमि पर बन रहा तालाब | Gram kotwar ki shaskiya bhumi pr ban rha talab

ग्राम कोटवार की शासकीय भूमि पर बन रहा तालाब

ग्राम कोटवार की शासकीय भूमि पर बन रहा तालाब

डिंडौरी (पप्पू पड़वार) - ग्राम कोटवार को शासन मानदेय के साथ जीवकोपार्जन के लिये शासकीय भूमि आबंटित की जाती हैं जिससे फसल का उर्पाजन कर वे आजिविका चलाते हैं तो वहीं हर विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन बढ़ा दिया गया लेकिन कोटवार को आज भी मात्र चार सौ रुपए वेतन प्रतिमाह दिया जा रहा है। इस महंगाई के दौर में इतने कम वेतन में कोटवार अपने परिवार के साथ कैसे जीवन-यापन कर रहा है ये सोचनीय विषय है। चालीस विभागों के काम व सहयोग में कोटवार दिन-रात लगे रहते हैं। इसके बाद भी आज तक किसी सरकार ने कोटवारों की नहीं सुनी। सरकार ने दैनिक वेतनभोगी मजदूरों की मजदूरी से लेकर शिक्षक, अंागनबाड़ी, पटवारी सहित अन्य सभी विभागों के कर्मचारियों का वेतन एवं सुविधाएं बढ़ाई गई लेकिन कोटवारों को कुछ भी नहीं दिया गया बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के  कोटवारी भूमि को भी ग्राम पंचायत अपने कब्जे में लेते हुए अपना उल्लू सीधा करने में लगे है।   

ग्राम कोटवार की शासकीय भूमि पर बन रहा तालाब

मामला जिला डिंडौरी के राजस्व निरीक्षक मंडल समनापुर अंतर्गत ग्राम छिंदगांव का जहां हल्का नंबर 125 के कोटवार के नाम आवंटित भूमि में ग्राम पंचायत सुन्दरपुर के जवाबदारों ने 10 लाख 94 हजार रुपये खर्च कर तालाब निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी तहसील कार्यालय समनापुर में शिकायत करते हुए कोटवार दसरु पिता शिवराम जाति भरिया ने बताया की भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 230 के तहत मालगुजारी शासन के समय से शासन द्वारा आवंटित कोटवारी भूमि में फसल उपार्जन कर अपने परिवार का पालन पोषण करते आ रहे हैं।  इसके बावजूद सुदंरपुर ग्राम पंचायत के जवाबदारों ने खसरा नंबर 211 रकवा 2.460 हेक्टेयर भूमि पर तालाब निर्माण कार्य बिना अनुमति व सहमति से कराया जा रहा है। कोटवार दसरू भरिया ने शासन प्रशासन से मांग है कि तालाब का निर्माण कार्य रुकवाया जाय जिससे उक्त जमीन पर फसल उपार्जन कर अपने परिवार पालन पोषण कर सके।


इनका कहना है


यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है अगर कोटवार के नाम आवंटित भूमि में तालाब का निर्माण कराया जा रहा है तो जवाबदारों पर कार्यवाई करते हुए निर्माण कार्य रुकवाया जायेगा ।


दिनेश वरकड़े

नायब तहसीलदार समनापुर

Post a Comment

0 Comments