जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित | Jila jal evam swachta samiti ki bethak ayojit

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित

वर्ष 2022-23 तक उज्जैन जिले के शत-प्रतिशत ग्रामों में नल से घरों में पानी पहुंचाने की योजना

जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित

उज्जैन (रोशन पंकज) - उज्जैन जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आज बृहस्पति भवन में कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत उज्जैन जिले के शत-प्रतिशत ग्रामों में वर्ष 2023-24 तक घर-घर नल से पेयजल पहुंचाने की योजना है। इस वर्ष 2020-21 में जिले के 238 ग्रामों में 51 हजार 226 घरों में कार्यशील घरेलु नल कनेक्शन (एफएचईसी) के द्वारा घर-घर पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने पेयजल उपलब्धता के लिये स्त्रोत की पहचान करने एवं भूगर्भ जल में वृद्धि करने के लिये विभिन्न विभागों से अभिसरण के माध्यम से वाटरशेड के काम करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने जिले में दूसरे क्वाटर के लिये निर्धारित किये गये 48 ग्रामों में 10245 परिवारों को नल जल कनेक्शन देने की कार्यवाही करने के लिये कहा है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित अस्थाना, वन मण्डलाधिकारी श्रीमती किरण बिसेन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री टीके परमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री रमा नाहटे सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।


बैठक में कार्यपालन यंत्री श्री टीके परमार ने जानकारी दी कि उज्जैन जिले में वर्तमान में 1096 ग्रामों में रह रहे दो लाख 79 हजार 888 परिवारों में से 62 हजार 669 परिवारों को नल से पेयजल प्रदान किया जा रहा है। यह कुल परिवारों का 22.39 प्रतिशत है। वर्ष 2024 तक जिले के शत-प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को कार्यशील घरेलु नल कनेक्शन (एफएचईसी) प्रदान कर आवश्यकता का पेयजल प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परिवार के हिसाब से सामान्यत: नल जल कनेक्शन के लिये साढ़े सात हजार रुपये की लागत निर्धारित है। यह लागत विभिन्न हिस्सों एवं भौगोलिक क्षेत्रों के लिये अलग-अलग है।

कलेक्टर ने बैठक में द्वितीय क्वाटर के लिये निर्धारित 48 ग्रामों का आवंटन उप यंत्रीवार करने के निर्देश दिये हैं तथा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए समुदाय की सहभागिता प्राप्त करने को कहा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में सोख्ता गड्ढे बनाने, हैंड पम्प एवं पुराने जलस्त्रोतों को रिचार्ज करने, उनका जीर्णोद्धार करने तथा वाटरशेड के कामों को आगे बढ़ाने के लिये भी कहा है।

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