जोबट शहर का गंदा कचरा डालने का ग्रामीणों ने किया विरोध | Jobat shahar ka ganda kachra dalne ka gramino ne kiya virodh

जोबट शहर का गंदा कचरा डालने का ग्रामीणों ने किया विरोध

जयस एवं ग्रामीणों ने राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

जोबट शहर का गंदा कचरा डालने का ग्रामीणों ने किया विरोध

अलीराजलूर। (रफीक क़ुरैशी) - आदिवासी समाज के सामाजिक संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) एवं ग्राम देहदला के ग्रामीणों ने ग्राम में जोबट शहर का गंदा कचरा नगर परिषद द्वारा डालने के लिए ग्राम की जमीन को पुलिस बल की उपस्थिति में जीसीबी मशीन से वन विभाग की भूमि को राजस्व विभाग एवं आदिवासी विरोधी अनुविभागीय अधिकारी अखिलेश राठौड़ द्वारा दल बल के साथ उपस्थित रहकर जबरन वर्षो से आदिवासी जिस  जमीन को वर्षो से फसल बोते आ रहे हैं। जिसका हर्जाना वन विभाग को समय समय पर जाम किया जा रहा है, जिसकी रसीद आदि ग्रामीणों के पास है और वन भूमि अधिकार पत्र के लिए प्रकरण प्रचलन में है, उसे जबरन वर्तमान में फसल बोई हुई है उस पर मशीन चाल कर अधिग्रहित की जा रही है। जिसके विरोध में जोबट एसडीएम को राज्यपाल के नाम से ज्ञापन सौंपकर गन्दा कचरा डालने के स्थल की स्वीकृति को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।ग्रामीणों एवं जयस कार्यकर्ता शिवराज चौहान, दीपक चौहान, भुरसिंह चौहान ने बताया कि उक्त जमीन ग्राम देहदला के निवासी सुभानसिंग पिता भंगड़िया, जुवानसिंह पिता पेमला,छगन पिता गंभीर ,भेरू पिता गुमानसिंह वर्षो से जोतते आ रहे हैं।एक ओर सरकार आदिवासियों को वन भूमि के पत्ते दिये जा रहे हैं और यहाँ जिम्मेदार अधिकारियों के दुवारा ग्रामीणों को बेदखल कर शहर का गंदा कचरा ग्राम में फेंकने के लिए बल का प्रयोग कर ग्रामीण महिलाओं को थाने पर लाकर बंद किया जा रहा है।

जोबट शहर का गंदा कचरा डालने का ग्रामीणों ने किया विरोध

हम किसी भी स्थिति में ग्राम में गंदा कचरा नही डालने देवेंगे।ग्राम पंचायत देहदला के पंच सकिर भाई, विजय चौहान ने कहा कि ग्राम पंचायत की बिना स्वीकृति एवं ग्राम सभा के बिना प्रशासन उक्त जमीन पर कब्जा नही कर सकती है, जबकि उक्त वन जमीन पर वर्षो से ग्रामीणों का कब्जा है , उन्हें वन अधिकार पत्र देने के लिए ग्राम पंचायत प्रस्ताव पास कर चुकी है,ओर शहर के लोग गंदगी करे और हमारे गांव गन्दा कचरा डाले ये कभी होने नही देंगे। जयस के वीरेंद्र बघेल,रमेश डुडवे,मोतेसिंह भूरिया,शंकर गूथरिया, विसाल कनेश,राजू कनेश कैलास सोलंकी ने कहा कि जमीन का पट्टा अभी मिला नही है,पर उस जमीन पर वर्षो से खेती की जा रही है,उस जमीन पर जोबट के एसडीएम द्वारा अपना पॉवर दिखाकर डरा धमका कर पुलिस के डंडे और जेल भिजवाने की धमकी देकर उस कृषि भूमि पर जोबट नगर का कूड़ा कचरा फेकने के लिए पुलिस बल की मोजुदगी में उस जमीन की खुदाई चालू करवा दी ,जो कि गैर कानूनी एवं असंवैधानिक है, भाग 10 अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्र में अनुच्छेद 244(1)( ख)पैरा 5(1)के तहत 5वी अनुसूची एवं पैसा एक्ट के विरुद्ध जाकर भोले- भाले आदिवासियों को उनकी जानकारी के अभाव में  जमीन  नगर पंचयात को आवंटित कर दी गई है। जबकि उक्त जमीन पर किसान खेती कर रहे है,उन्हें न ही कोई नोटिस दिया न कोई सूचना सीधे जेसीबी मशीन लेकर खुदाई चालू कर दी है , क्या एसडीएम महोदय व नगर पंचायत को यह पता नही है कि ग्राम पंचायत की जमीन  ग्राम सभा मे ठहराव-प्रस्ताव के पास हुए बिना चाहे वह सरकारी जमीन हो या गैर सरकारी बिना अनुमति के कोई कार्य नही कर सकते है, फिर भी sdm साहब कोई नया कानून लेकर आये है, जो बेखोब होकर पॉवर में आदिवासियों को परेशान कर कृषि की जा रही जमीन को अधिग्रहित की जा रही है।  जयस जिलाध्यक्ष विक्रमसिंह चौहान एवं उपाध्यक्ष अरविंद कनेश ने कहा कि जोबट शहर की गंदगी हमारे ग्राम पंचायत में फेकना चाहते है,या महोदय को कोई राजनेतिक सपोर्ट है ,जिसकी वजह से गैर कानूनी काम कर रहे है, महोदय ग्राम के लोग बकरी मुर्गी या सब्जी बेचने जोबट नगर में आते है तो भी उनसे बैठने की रसीद काटी जाती है ,यदि दुकान लगाने व खोलने की अनुमति नगर पंचायत से लेना जरूरी है ये 5 वीं अनुसूची क्षेत्र में है यहाँ ग्रामसभा को भी अपना पॉवर है, आदिवासियों के लिए मांगलिक भवन बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने एक आदेश जारी कर जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं इस ओरअनुविभागीय अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया है। आज नगर का कचरा फेकने के लिए आपको हमारे ग्राम की कृषि भूमि ही नजर आ रही है।जयस के राज्य प्रभारी मुकेश रावत ने कहा कि जब से जोबट में एसडीएम अखिलेश राठौड़ आये है तब से आदिवासियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, और दिनों दिन गैर कानूनी असंवैधानिक कार्यवाही करते आये है, हम संपूर्ण आदिवासी समाज इस भेदभावपूर्ण व्यवहार करने पर एसडीएम का  घोर विरोध करते है।और एसडीएम महोदय यदि उक्त जबरन जमीन अधिग्रहण का कार्य नही रुकवाते है तो पूरे प्रदेश में जयस संगठन आंदोलन करेगा।जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपे जाने के अवसर पर ग्रामीण माधुसिंह चौहान, सवलसिंह चौहान, नाकु चौहान, बबलू चौहान,लालसिंह चौहान एवं जयस के वीरेंद्र बघेल, रमेश डुडवे, मोतेसिंह भूरिया, शंकर गूथरिया,विसाल कनेश, राजू कनेश,भूरसिंह डावर, प्रफुल रावत, विजय रावत, सावन चौहान एवं कैलास सोलंकी आदि उपस्थित रहे।

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