आयुष चिकित्सकों को निजी क्लीनिक में मरीजों की जांच की दी सशर्त अनुमति | Ayush chikitsako ko niji clinic main marijo ki janch ki di

आयुष चिकित्सकों को निजी क्लीनिक में मरीजों की जांच की दी सशर्त अनुमति


बुरहानपुर। (अमर दिवाने) - विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना वायरस को पब्ल्कि हेल्थ ऑफ इमरजेंसी कन्सर्न होने से महामारी घोषित किया गया है। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 7 मार्च, 2020 के परिप्रेक्ष्य में मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 अंतर्गत नोवेल कोरोना वायरस बीमारी अधिसूचित की जा चुकी है। 
जिलेवासियों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखना आवश्यक है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्टेट व अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने आदेश दिये है कि नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 के नियंत्रण उपाय एवं रोकथाम हेतु आयुष चिकित्सकों (आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथी) को उनके निजी क्लीनिक में मरीजों की जांच एवं इलाज की सशर्त अनुमति दी जाती है। 
सशर्त अनुमति 
1. क्लीनिक में डाक्टर द्वारा अपनी ही विधा के अनुसार इलाज किया जायेगा, केवल पंजीकृत क्लीनिक ही खोले जायेंगे। 
2. क्लीनिक में सर्दी, खांसी, बुखार एवं श्वास की तकलीफ के मरीजो का उपचार नहीं किया जायेगा एवं उन्हें फीवर क्लीनिक में जाने की सलाह दी जायेगी ऐसे मरीजों का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर एवं मरीज के शरीर का तापमान एसपीओ टू की जानकारी की सूची बनाकर उसी दिन व्हाट्सअप नंबर डॉ.विक्रम सिंह वर्मा जिला स्वास्थ्य अधिकारी मो.नं. 98268-24531 एवं निशांत मिश्रा जिला मलेरिया अधिकारी मो.नं. 70006-11991 पर भेजना सुनिश्चित करना होगा। 
3. क्लीनिक में प्लस ऑक्सीविटर रखना होगा तथा जिस मरीज को एसपीओ टू-95 प्रतिशत से कम आये तो उसकी भी सूचना डॉ.विक्रम वर्मा एवं निशांत मिश्रा के मो.नं. पर दे। 
4. कंटेनमेंट एरिया में कोई भी क्लीनिक नहीं खुलेंगा। यदि किसी क्लीनिक का कोई कर्मचारी कंटेनमेंट एरिया में रहता है तो क्लीनिक में कार्य करने अनुमति नहीं होगी। 
5. यह सुनिश्चित किया जाये कि क्लीनिक के वेटिंग रूम में 4 से अधिक मरीज एक साथ ना हो तथा उनके मध्य 2 मीटर की दूरी अनिवार्य रूप से रहे। 
6. क्लीनिक में हैण्ड सेनेटाईजर की हाथ धोने के साबुन पानी की व्यवस्था आवश्यक है। 
7. क्लीनिक की साफ-सफाई तथा विसंक्रमण आदि का विशेष ध्यान रखा जाये। इस हेतु एक प्रतिशत सोडियम हाईपोक्लोरेट या 70 प्रतिशत अल्कोहल का उपयोग उपयुक्त होगा। 
8. वेटिंग रूम में एक पोस्टर लगाया जाये जिसमें कोविड-19 से संबंधित सुरक्षाओं के उपायों को विस्तृत रूप से उल्लेख करें। 
9. सभी चिकित्सक एवं कर्मचारी कोविड-19 से सुरक्षा हेतु समय-समय पर जारी गाईड लाईन का पालन सुनिश्चित करेंगे तथा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसें-एन-95 ट्रिपल सर्जिकल मास्क, फेसशील्ड, हैण्ड गलब्स, सेनेटाइजर आदि का नियमित रूप से उपयोग करें। 
10. ऐरोसाल बनाने वाली क्रियाओं जैसें नेबूलाईजर का उपयोग ना करें। 
11. क्लीनिक में आने वाला कोई मरीज भविष्य में कोरोना पॉजिटीव पाया जाता है तो क्लीनिक को 3 दिवस बंद कर पूर्णतः सेनेटाईजर करने के उपरांत ही प्रारंभ करे।
12. यदि क्लीनिक का कोई कर्मचारी अस्वस्थ होता है तो उसकी ड्यूटी क्लीनिक में ना लगाये। 
13. संबंधित क्षेत्र के एसडीएम समय-समय पर क्लीनिक का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि उपरोक्त शर्तो का पालन किया जा रहा है।
14. क्लीनिक के ओपीडी का समय यथासंभव कम रखें। समय शाम 7 बजे के पूर्व बंद करना सुनिश्चित करें मरीजों का उपचार करते समय उनके लिए उपरोक्त शर्तो का पालन करना होगा अन्यथा उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

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