हितग्राही की भूमि छोड़, शासकीय भूमि पर बना दिये खेत तालाब | Hitgrahi ki bhumi chhod shaskiya bhumi pr bana diye khet talab

हितग्राही की भूमि छोड़, शासकीय भूमि पर बना दिये खेत तालाब

रोजगार सहायक ने शासकीय योजनाओं में किया बंदरबाट

हितग्राही की भूमि छोड़, शासकीय भूमि पर बना दिये खेत तालाब

आमला (रोहित दुबे) - जनपद पंचायत की बामला ग्राम पंचायत में शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को न मिलकर, योजनाओं का रोजगार सहायक के कारण पलीता लग गया।जानकारी के मूताबिक बामला के खेत तालाब हितग्राहियों में से कुछ हितग्राहियों के खेत तालाब शासकीय भूमि पर रोजगार सहायक ने निर्माण करवा दिए ।गौरतलब है कि रोजगार सहायक संजय सोनी द्वारा खेत तालाब की लाखों की राशि हितग्राहियों के नाम पर डाल दी गई जबकी खेत तालाब निर्माण हुए ही नही ।ग्रामीणों व सरपंच की शिकायत के बाद रोजगार सहायक ने आनन फानन में जे सी बी लगाकर तालाब निर्माण करवाए लेकिन कुछ हितग्राहियों के खेतों में बोवनी हो चुकी थी जिसके चलते शासकीय भूमि का ही निर्माण में उपयोग कर लिया गया।

हितग्राही की भूमि छोड़, शासकीय भूमि पर बना दिये खेत तालाब

,,,,,निर्माण कार्य किये बगैर मनरेगा मजदूरी राशि कर दी भुगतान,,,,

गौरतलब होगा कि जिस हिसाब से लाखों की राशि या प्रति हितग्राही राशि खर्च का आकलन किया जाए तो उतना कार्य आज तक हुआ ही नही जितनी राशि निकली ।मनरेगा के तहत लाखो की राशि रोजगार सहायक ने बिना कार्य मजदूरी में हस्तांतरित कर दी ।जिसमे प्रेमनारायण की 78 हजार,कैलाश की 35 हजार, हरि प्रसाद 22 हजार,लल्लू यदुवंसी 50 हजार व अंगद झनक कार्य अधूरा,लल्ली झनक कार्य अधूरा ,भोलाराम कार्य अधूरा,शिवपाल अधूरा 91 हजार ,राजाराम ,सन्तोष,शिवकिषोर कार्य अधूरा ,रामप्यारी 78 हजार कार्य अधर में लेकिन फिर भी मजदूरी राशि डाली गई ।वही जिस हिसाब से तालाब बनाए गए उसका नमूना हितग्राही शिवपाल पिता लखन के खेत मे देखा जा सकता है उक्त निर्मित तालाब में बुआई हो चुकी है। उसकी भी जांच 3 महीने बीतने के बाद भी अधिकारियों द्वारा नही करवाई गई ।जबकी वो हितग्राही जिनके यहा तालाब नही बने जैसे लल्लू,कैलाश यदुवंसी,प्रेम नरायन,शिवकिशोर के यहां जे सी बी लाकर निर्माण के नाम पर ओपचारिकता निभा दी गई ।जबकि 3 माह पूर्व राशि निकल गई थी।

,,,,फर्जी मजदूरी का जमकर का हुआ भुगतान,,,

उल्लेखनीय होगा कि जी आर एस द्वारा नियम कायदों को ताक पर रखकर फर्जी मजदूरी भुगतान किए गए ।ग्रामीणों की माने तो पंचायत के ग्राम नजरपुर के बड़े किसानों सम्पन्न लोगों तथा मटेरियल सप्लायरों के नाम पर फर्जी भुगतान मजदूरों के नाम पर निकला यहा तक कि 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति व जो दूसरे राज्य में रह रहे उनके नाम पर भी गरीबो की मजदूरी राशि का घोटाला किया गया।

,,,,कार्य बंद फिर भी डल रही मजदूरी राशि,,,,

ग्राम पंचायत में खेत तालाब के कार्य पिछले कई महीनों से अधर में है फिर भी वर्तमान में रोजगार सहायक द्वारा फर्जी मजदूरी राशि डालकर गोलमाल किया जा रहा है।नजरपुर बामला में लोगो के नाम पर मजदूरी राशि का भुगतान जारी है।

लेकिन अभी तक कोई जांच व कार्यवाही अधिकारियों द्वारा नही की गई 

इनका कहना है 

अगर शासकीय भूमि में खेत तालाब निर्माण हुए तो सबंधित हल्का पटवारी से प्रतिवेदन के बाद कार्यवाही की जाएगी।
वेदनाथ वासनिक - तहसीलदार आमला

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