पेटलावद के इतिहास में इस तरह का तप करने वाली प्रीति पहली तपस्विनी है | Petlawad ke itihas main is tarha ka tap krne wali priti pehli tapasvini hai

पेटलावद के इतिहास में इस तरह का तप करने वाली प्रीति पहली तपस्विनी है

महातपस्विनी प्रीति मेहता की महातप तपस्या पूर्ण

पेटलावद के इतिहास में इस तरह का तप करने वाली प्रीति पहली तपस्विनी है

पेटलावद (मनीष कुमट) - जैन शास्त्रों में कई तरह की तपस्याएं वर्णित है।पेटलावद की एक सुश्राविक इन वर्णित तपस्याओं में से कठिनतम तपस्याओं को करने के लिये हमेशा प्रयासरत रहती है।पूर्व में धर्म चक्र, सिद्धि तप ओर मासखमण जैसी कठिन तपस्या कर चुकी प्रीति ने इस वर्षावास में एक नये तप की खोज की।तप का नाम है लघु सर्वतोभद्र तप इस तपस्या को 100 दिन में पूर्ण करना होता है।इन 100 दिनों में कुल 25 पारणे होते है और 75 दिन उपवास।इस तप की खोज महासती महाकृष्ण जी ने की थी।

प्रवर्तक श्री जिनेन्द्र मुनि जी महाराज सा की प्रेरणा से श्रीमती प्रीति रवि मेहता ने इस तपस्या को आज सफलता पूर्वक पूर्ण कर लिया है।गौरतलब है कि इस वर्षावास में प्रीति के पति रवि मेहता ओर 14 वर्षीय बालिका मिताली ओर 12 वर्षीय पुत्र जतिन मेहता ने भी अट्ठाइ की तपस्या की है। आज स्थानक भवन में तपस्विनी प्रीति की तपस्या का संघ द्वारा बहुमान किया जायेगा। पेटलावद के इतिहास में इस तरह का तप करने वाली प्रीति पहली तपस्विनी है।

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