लावारिस नवजात शिशु को देखने जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू केंद्र पहुंची जिला बाल कल्याण समिति की टीम | Lawaris navjat shishu ko dekhne jila chikiysalay ke sncu kendra

लावारिस नवजात शिशु को देखने जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू केंद्र पहुंची जिला बाल कल्याण समिति की टीम

केद्र प्रभारी डाॅ. आईएस चौहान से चर्चा कर जानी स्थिति

लावारिस नवजात शिशु को देखने जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू केंद्र पहुंची जिला बाल कल्याण समिति की टीम

झाबुआ (मनीष कुमट) - गत 20 अक्टूबर को ग्राम खरड़ू छोटी में अज्ञात महिला ने एक बच्चे को जन्म देकर लावारिस अवस्था में झाड़ियों में फैंक दिया था, बाद उसे झाबुआ पुलिस द्वारा जिला चिकित्सालय के गहन इकाई चिकित्सा केंद्र में भर्ती करवा दिया गया। 21 अक्टूबर की समाचार-पत्रों के माध्यम से जिला बाल कल्याण समिति को सूचना प्राप्त होने पर सीडब्ल्यूसी के वरिष्ठ सदस्य यशवंत भंडारी के नेतृत्व में सदस्य गोपालसिंह पंवार, ममता तिवारी एवं चेतना सकलेचा आदि ने एनएससीयू पहुंचकर यहां केंद्र प्रभारी डाॅ. आईएस चैहान से बच्ची के स्वास्थ्य संबंधी विस्तृत जानकारी ली। 

सीडब्ल्यूसी के वरिष्ठ सदस्यों को केद्र प्रभारी डाॅ. चैहान ने बताया कि बच्ची का जन्म मां के गर्भ में 9 माह पूर्ण होने के बाद ही हुआ है तथा उसका जन्म 2 किलो 700 ग्राम है। बच्ची का जन्म होते ही उसकी मां द्वारा झाड़ियों में फैंकने से षिषु के ब्लड में इंफेक्षन हो गया है, जिसका यहां उपचार जारी है। डाॅ. चैहान ने बताया कि बच्ची को पूर्ण स्वस्थ होने मे करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। 

प्रत्येक दो दिन में जानकारी देने हेतु किया निर्देषित

समिति के सदस्यों ने इस संबंध में प्रकरण की प्रभारी से चर्चा कर विस्तृत जानकारी चाही। गहन चिकित्सा केंद्र में बच्चें के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी लेने के पश्चात् समिति ने केंद्र प्रभारी को बालिका का व्यवस्थित उपचार करने का निर्देष देते हुए प्रत्येक दो दिन के अंतराल में बच्ची के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देने हेतु डाॅ. चैहान को निर्देशित किया।

स्वस्थ होने के पश्चात् शिशु गृह भेजा जाएगा

समिति के सदस्य गोपालसिंह पंवार ने बताया कि जेजे एक्ट के तहत किसी भी लावारिस नवजात शिशु को 21 दिन तक चिकित्सालय में रखा जा सकता है। इसी बीच यदि शिशु पूर्ण स्वस्थ हो जाता है, तो उसे बाल कल्याण समिति के माध्यम से इंदौर के शिशु गृह में भेज दिया जाएगा, जहां पर उसका ठीक तरीके से पालन-पोषण हो सकेगा।

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