रोटरी क्लब ने ग्रामीण क्षेत्र के दो कन्याशाला स्कूलों में सेनेटरी पेड़ वेंडिंग मशीन डोनेट की | Rotary club ne gramin shetr ke do kanyashala schoolo main senetary pad vanding machine donate ki

रोटरी क्लब ने ग्रामीण क्षेत्र के दो कन्याशाला स्कूलों में सेनेटरी पेड़ वेंडिंग मशीन डोनेट की 

रोटरी क्लब ने ग्रामीण क्षेत्र के दो कन्याशाला स्कूलों में सेनेटरी पेड़ वेंडिंग मशीन डोनेट की

धामनोद (मुकेश सोडानी) - नारी स्वाभिमान एक अभियान निर्मला प्रोजेक्ट  तहत रोटरी मंडल 3040 द्वारा पूरे मंडल में नारी सम्मान दिवस  मनाया गया जिसके अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम सुंदरेल एव सेमल्दा कन्याशाला स्कूलों में छात्राओं की सुविधा के लिए सेनेटरी पैड वैंडिंग मशीन दी गई।इस अवसर पर ग्राम सुंद्रेल एवं सेमल्दा दोनो स्थानों पर कार्यक्रम कर मशीने दी गई।ग्राम सुंदरेल के कन्याशाला स्कूल में हुए कार्यक्रम में अतिथि पूर्व उप सरपंच कैलाश वर्मा थे उन्होंने अपने संबोधन में रोटरी के कार्यो की तारीफ करते हुए कहा कि सुंदरेल ग्राम की पंचायत सक्षम है हम अभी तक इस तरह की सुविधा के बारे में क्यो नही कुछ सोच पाए उन्होंने क्लब की सेवाओ से प्रभावित होकर क्लब की सदस्यता ग्रहण की। रोटरी क्लब के अध्यक्ष विकास पटेल ने बताया कि अगर नारी स्वस्थ रहेगी तो समाज भी स्वस्थ रहेगा इसी बात को ध्यान में रख ये मशीनें दी गई आगे और भी ग्रामीण क्षेत्र की कन्याशाला स्कूलों में ऐसी मशीन दी जाएगी उन्होंने पेड़ मशीन के बारे में विस्तार से बताया। क्लब को मशीन में सहयोग पर अश्विनी उपाध्याय एवं दुर्गेश दाबड का सम्मान किया गया।क्लब सदस्य राहुल गोयल ने दोनों स्कूलों में 500 पेड की राशि अपनी और से देने की घोषणा की।स्कूल प्राचार्य गंगवानी की मांग पर स्कूल की जरूरतमंद छात्राओ को क्लब द्वारा ठंड के मौसम में स्वेटर देने का कहा। इस अवसर पर स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई।क्लब द्वारा अतिथियो को स्मृति चिन्ह दिए गए।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक शैलेन्द्र पंवार एव मनीष छाबडा ने किया। प्राचार्य कैलाश गंगवानी द्वारा विद्यालय को पेड  मशीन देने पर रोटरी क्लब का आभार माना। सचिव महेंद्र राठौड़ मोहन बर्फा अरविंद राठौड़ धीरेंद्र मलतारे राहुल गोयल अश्विन उपाध्याय शैलेन्द्र जायसवाल आदि उपस्तिथ थे। इसी तरह ग्राम सेमल्दा कन्याशाला स्कूल में हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जनपद सदस्य प्रतिनिधि दिनेश कुशवाहा थे प्राचार्य प्रवीण शुरकर ने आभार माना संचालन शिक्षक दीपक निमाडे ने किया।

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