रीवा के चौखंडी में कब्रिस्तान की जमीन पर बुलडोजर चलाने का आरोप, सीमांकन की मांग

रीवा के चौखंडी में कब्रिस्तान की जमीन पर बुलडोजर चलाने का आरोप, सीमांकन की मांग

रीवा। जिले की जवा तहसील के चौखंडी गांव में विद्यालय निर्माण को लेकर जमीन विवाद गहराता जा रहा है। मुस्लिम परिवारों ने कथित कब्रिस्तान की जमीन पर बुलडोजर चलाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से भूमि का सीमांकन कराने की मांग की है। परिवारों का कहना है कि वे विद्यालय निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कब्रिस्तान के रूप में उपयोग की जा रही जमीन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर को चौखंडी गांव में सरस्वती शिशु मंदिर के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया था। इसके बाद संबंधित भूमि के स्वामित्व और उपयोग को लेकर विवाद सामने आया। मुस्लिम परिवारों का दावा है कि जिस जमीन पर निर्माण की प्रक्रिया चल रही है, उसका लंबे समय से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग होता रहा है। इसी आधार पर उन्होंने भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग उठाई है।

परिवारों का कहना है कि शिक्षा संस्थान का निर्माण होना चाहिए, लेकिन इसके साथ धार्मिक और सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी जमीन के अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है। उनका आग्रह है कि प्रशासन राजस्व अभिलेखों की जांच करे और मौके पर आधिकारिक सीमांकन कराकर स्थिति स्पष्ट करे।

प्रशासनिक जांच से होगा स्थिति का खुलासा

इस मामले में जमीन के वास्तविक स्वामित्व, दर्ज उपयोग और सीमाओं को लेकर स्थिति आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। राजस्व रिकॉर्ड और मौके पर सीमांकन के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि संबंधित भूमि का दर्ज स्वरूप क्या है और निर्माण कार्य नियमानुसार कहां तक किया जा सकता है।

अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। सीमांकन और निष्पक्ष जांच से विवाद की स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही विद्यालय निर्माण और कब्रिस्तान की जमीन से जुड़े दावों का समाधान निकालने में मदद मिल सकती है।

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