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| रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोर सक्रिय! मिठाई से लेकर बिस्कुट-नमकीन तक, ग्रामीण बाजारों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री का खतरा |
रीवा/मऊगंज। श्रावण मास में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। उच्च वर्ग से लेकर मध्यम और निम्न वर्ग तक अपनी क्षमता के अनुसार राखी, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदकर इस पर्व को मनाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन त्योहार के इसी माहौल के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर गंभीर सवाल भी सामने आने लगे हैं।
आरोप है कि त्योहारों के दौरान कुछ मुनाफाखोर अधिक कमाई के लिए खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से समझौता करते हैं। शहरों में खाद्य विभाग द्वारा समय-समय पर जांच और कार्रवाई की जाती है, लेकिन ग्रामीण अंचलों में स्थिति पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीण बाजारों में खाद्य तेल, मिठाई, बिस्कुट, नमकीन और अन्य पैक्ड खाद्य सामग्री की गुणवत्ता तथा एक्सपायरी डेट को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता बनी हुई है।
हालांकि यह कहना उचित नहीं होगा कि सभी व्यापारी या खाद्य कारोबारी नियमों का उल्लंघन करते हैं, लेकिन यदि कहीं भी मिलावटी अथवा एक्सपायरी खाद्य सामग्री की बिक्री हो रही है तो उसकी नियमित जांच और प्रभावी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
मिठाइयों की गुणवत्ता पर भी नजर जरूरी
त्योहार के दौरान सबसे अधिक मांग मिठाइयों की रहती है। दूध से बनने वाली मिठाइयों में तापमान और भंडारण का विशेष महत्व होता है। रसगुल्ला, बर्फी, कलाकंद जैसी मिठाइयों को लंबे समय तक रखने पर उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं काजू कतली जैसे अपेक्षाकृत कम नमी वाले उत्पाद उचित तापमान पर अधिक समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। जलेबी जैसी मिठाई भी लंबे समय तक सामान्य तापमान पर रखने के लिए उपयुक्त नहीं होती। ऐसे में दुकानों पर मिठाइयों की तैयारी, भंडारण, साफ-सफाई और बिक्री की अवधि की जांच जरूरी हो जाती है।
ग्रामीण बाजारों में एक्सपायरी सामग्री की चिंता
पैक्ड बिस्कुट, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री की भी निर्धारित उपयोग अवधि होती है। कंपनी से माल निकलने के बाद उसके थोक व्यापारी से छोटे दुकानदार तक पहुंचने में समय लगता है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में पुराने स्टॉक की बिक्री की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विशेष चिंता की बात यह है कि गांवों में स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर दुकानों से बिस्कुट, नमकीन, टॉफी और अन्य पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। यदि ऐसी सामग्री की गुणवत्ता खराब हो या वह एक्सपायरी डेट पार कर चुकी हो तो बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
केक की बिक्री में भी सावधानी जरूरी
आधुनिक दौर में जन्मदिन, शादी की सालगिरह और अन्य अवसरों पर केक काटना सामान्य परंपरा बन गया है। लेकिन केक की गुणवत्ता भी उसके निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और भंडारण के तापमान पर निर्भर करती है। क्रीम वाले केक को उचित तापमान पर रखना जरूरी होता है। इसलिए दुकानों में तैयार केक के निर्माण की तारीख, सामग्री, भंडारण और बिक्री की अवधि की जांच भी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होना चाहिए।
15 दिन पुरानी मिठाई का आरोप, जांच की जरूरत
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि रीवा और मऊगंज के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर मिठाई का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा रहा है और लंबे समय तक स्टॉक रखने के बाद उसकी बिक्री की जा रही है। कुछ लोगों का दावा है कि कई जगहों पर कई दिनों पहले तैयार की गई बर्फी और अन्य मिठाइयां भी बाजार में पहुंच रही हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है, इसलिए खाद्य विभाग को ऐसे मामलों की मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लानी चाहिए।
खाद्य विभाग की जिम्मेदारी पर नजर
रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार से पहले रीवा संभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के सामने बड़ी जिम्मेदारी है। केवल शहरों में औपचारिक छापेमारी पर्याप्त नहीं होगी। ग्रामीण बाजारों, छोटी दुकानों, मिठाई निर्माण केंद्रों, दूध एवं दुग्ध उत्पाद विक्रेताओं और पैक्ड खाद्य सामग्री के स्टॉक की भी जांच जरूरी है।
यदि कहीं मिलावट, गलत लेबलिंग, एक्सपायरी सामग्री या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पाई जाती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कार्रवाई केवल छोटे दुकानदार तक सीमित न रहे, बल्कि जिस स्तर से असुरक्षित खाद्य सामग्री बाजार में पहुंच रही है, वहां तक जांच की जाए।
त्योहार खुशियों का अवसर है, लेकिन इन खुशियों की कीमत लोगों की सेहत से नहीं चुकाई जानी चाहिए। अब देखना होगा कि रीवा और मऊगंज में खाद्य विभाग रक्षाबंधन से पहले कितनी गंभीरता से जांच अभियान चलाता है और मिलावटखोरी तथा एक्सपायरी खाद्य सामग्री के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई करता है।
