रीवा में कब्रिस्तान की जमीन पर फर्जीवाड़े का आरोप, चाकघाट में ट्रकों का 3 किमी लंबा जाम

रीवा में कब्रिस्तान की जमीन पर फर्जीवाड़े का आरोप, चाकघाट में ट्रकों का 3 किमी लंबा जाम

रीवा - जिले में एक ओर रियासतकालीन कब्रिस्तान की जमीन को लेकर कथित राजस्व फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, तो दूसरी ओर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रयागराज में भारी वाहनों की नो-एंट्री के चलते चाकघाट में करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। दोनों मामलों को लेकर प्रशासन के सामने अलग-अलग चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

कब्रिस्तान की जमीन पर कथित हेरफेर का आरोप

रीवा के निपानिया घोघर स्थित रियासतकालीन कब्रिस्तान की जमीन को लेकर आवाम फाउंडेशन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा है। शिकायतकर्ताओं ने राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर, जमीन की बिक्री की तैयारी और अवैध कब्जे के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विवादित जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के साथ पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

आवाम फाउंडेशन के अध्यक्ष रफी कैसर खान के अनुसार, रियासतकाल में तत्कालीन महाराजा गुलाब सिंह ने मुस्लिम समाज को कब्रिस्तान के उपयोग के लिए जमीन दान की थी। इसकी देखरेख के लिए एक परिवार को केयरटेकर बनाया गया था। आरोप है कि बाद में राजस्व अभिलेखों में कथित बदलाव कर केयरटेकर परिवार ने जमीन पर अपना स्वामित्व दर्ज करा लिया।

फाउंडेशन ने खसरा नंबर 148, 149 और 150 की जमीन को कथित रूप से गलत दस्तावेजों के आधार पर बेचे जाने की तैयारी का आरोप लगाया है। वहीं खसरा नंबर 139 पर भी अवैध कब्जे और जमीन का स्वरूप बदलने की शिकायत की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पुराने राजस्व रिकॉर्ड, दस्तावेजों और वर्तमान अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। हालांकि लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

चाकघाट में ट्रकों की लंबी कतार

इधर, कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण प्रयागराज में भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाए गए प्रतिबंध का असर चाकघाट में दिखाई दे रहा है। NH-30 पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। ट्रक चालकों के अनुसार, बड़ी संख्या में भारी वाहन 12 घंटे से अधिक समय से फंसे हुए हैं।

कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भारी वाहनों का प्रवेश रोके जाने के बाद मध्य प्रदेश की सीमा पर ट्रकों की कतार बढ़ती गई। लंबे इंतजार के कारण चालक और अन्य वाहन यात्री परेशान हैं।

रीवा प्रशासन के अनुसार, ट्रक चालकों के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश से दिशा-निर्देश मिलने के बाद वाहनों को चरणबद्ध तरीके से प्रयागराज की ओर भेजा जा रहा है। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अब प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए चाकघाट में जमा भारी वाहनों की आवाजाही भी जल्द सामान्य की जाए।

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