2 किलोमीटर सड़क ने बढ़ाई 300 परिवारों की मुसीबत, कीचड़ में फंसी जिंदगी; ग्रामीणों का अल्टीमेटम—4 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरना

2 किलोमीटर सड़क ने बढ़ाई 300 परिवारों की मुसीबत, कीचड़ में फंसी जिंदगी; ग्रामीणों का अल्टीमेटम—4 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरना

रीवा/सिरमौर - बारिश आते ही गांवों की बदहाल सड़कों की तस्वीर सामने आने लगी है। रीवा के सिरमौर क्षेत्र के कटकी गांव में करीब 2 किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ के चलते ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। समस्या से परेशान ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। साथ ही प्रशासन को 4-5 दिन का अल्टीमेटम देते हुए सड़क नहीं बनने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

250 से 300 परिवारों का रोजाना आना-जाना

ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत कटकी के मुख्य मार्ग से पुरानी नहर मार्ग तक जाने वाली यह सड़क करीब दो किलोमीटर लंबी है। इस रास्ते से लगभग 250 से 300 परिवार रोजाना आवागमन करते हैं। बारिश के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो रहा है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी और कीचड़ भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार वाहन फिसलने और गिरने की स्थिति बन जाती है।

बच्चों की पढ़ाई से लेकर मरीजों के अस्पताल पहुंचने तक संकट

ग्रामीणों ने बताया कि खराब सड़क का सीधा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बारिश के दिनों में बच्चे कीचड़ और गड्ढों से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। वहीं किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी यह मार्ग परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत जल्द नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

कलेक्टर कार्यालय पहुंचा ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल

सड़क की समस्या को लेकर भारतीय सर्व सेवा संगठन युवा इकाई के अध्यक्ष शिव कुमार मिश्रा के नेतृत्व में ग्रामीण महिला-पुरुष कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के साथ-साथ पेयजल जैसी समस्याओं को लेकर भी पूर्व में शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उन्हें प्रशासन के सामने सीधे अपनी बात रखनी पड़ी।

‘4-5 दिन में सड़क नहीं बनी तो धरना’

ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 4-5 दिन के भीतर सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो जनपद पंचायत सिरमौर कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि ज्ञापन और अल्टीमेटम के बाद जिम्मेदार विभाग सड़क की मरम्मत शुरू करता है या फिर बारिश के इस मौसम में करीब 300 परिवारों को इसी बदहाली के बीच आवागमन करना पड़ेगा।

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