| पहाड़ी पंचायत के सचिव निलंबित: निजी जमीन पर चबूतरा निर्माण मामले में कार्रवाई, एक साल से ठप विकास पर उठे सवाल |
मऊगंज - जिले की हनुमना जनपद की ग्राम पंचायत पहाड़ी में लंबे समय से विकास कार्य ठप होने के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। जिला पंचायत रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पंचायत सचिव रामधनी मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर पूर्व पदस्थापना के दौरान निजी भूमि पर नियम विरुद्ध चबूतरा निर्माण कराने का आरोप है। वहीं पहाड़ी पंचायत में पिछले करीब एक साल से बंद पड़े खाते और डीएससी को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था।
मऊगंज जिले की जनपद पंचायत हनुमना अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ी के सचिव रामधनी मिश्रा को जिला पंचायत रीवा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनके पूर्व पदस्थापना स्थल ग्राम पंचायत बरांव से जुड़े मामले में की गई है। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत ठुर्रिहा के शुकुलगवां में शासकीय चबूतरे का निर्माण निजी पट्टे की भूमि पर कराया गया, जिसे जांच दल ने नियम विरुद्ध माना।
कलेक्टर मऊगंज के जांच प्रतिवेदन और जनपद पंचायत हनुमना के प्रस्ताव के आधार पर जिला पंचायत रीवा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत रामधनी मिश्रा को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत हनुमना रहेगा तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
इधर, ग्राम पंचायत पहाड़ी पहले से ही विकास कार्यों के ठप होने को लेकर चर्चा में रही है। सरपंच सरफराज अहमद और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि सचिव की अनुपस्थिति के कारण पंचायत का खाता और डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) करीब एक साल से बंद है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, समग्र आईडी, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कई योजनाओं के काम प्रभावित हो रहे हैं। बरसात के बीच नालियों की सफाई और अन्य विकास कार्य भी अधूरे पड़े हैं।
हालांकि, सचिव रामधनी मिश्रा ने पहले इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि पंचायत का खाता संचालित नहीं होने के पीछे सरपंच की ओर से आवश्यक प्रक्रिया में सहयोग नहीं मिलना मुख्य कारण है। अब सचिव के निलंबन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि पंचायत का खाता और डीएससी जल्द चालू होंगे तथा लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति मिलेगी।