| अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास: 3 साल बाद भी टीम इंडिया में नहीं हो सकी वापसी |
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे शांत, भरोसेमंद और 'संकटमोचक' बल्लेबाजों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से पूरी तरह संन्यास का ऐलान कर दिया है। 38 वर्षीय पूर्व टेस्ट उपकप्तान और कार्यवाहक कप्तान रहाणे ने आखिरी बार जुलाई 2023 के वेस्टइंडीज दौरे पर भारत के लिए टेस्ट मैच खेला था। बीते तीन सालों से भारतीय टीम में वापसी के प्रयास में जुटे रहाणे ने आखिरकार अपने शानदार करियर पर विराम लगाने का फैसला किया।
भावुक पोस्ट में बोले- "कैप 278 विदा ले रही है"
अजिंक्य रहाणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर संन्यास की आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा, "कैप 278 विदा ले रही है। इतने सालों में आप सभी से मिले अपार प्यार और समर्थन का मैं दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ और हमेशा आपका आभारी रहूंगा।"
उनके इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत से उन्हें उनके शानदार और बेदाग करियर के लिए बधाइयां मिल रही हैं।
करियर में कई उतार-चढ़ाव, WTC फाइनल से की थी धमाकेदार वापसी
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा:
शुरुआती दौर: साल 2011 में वनडे और टी-20 डेब्यू करने के बाद रहाणे ने 2013 में सचिन तेंदुलकर के संन्यास के समय टेस्ट डेब्यू किया था।
टीम से बाहर होना: 2021 से 2022 के बीच लगातार 31 पारियों में शतक न जड़ पाने और औसत 20 से नीचे गिरने के कारण उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया था।
वापसी की मिसाल: घरेलू क्रिकेट (रणजी) में रनों का अंबार लगाने और श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद उन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2023 के फाइनल से टेस्ट टीम में फिर से वापसी की थी।
ऑस्ट्रेलिया में रचा था इतिहास: रहाणे के करियर का सबसे सुनहरा पल
अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा मानी जाती है। एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम के मात्र 36 रनों पर ऑलआउट होने और नियमित कप्तान विराट कोहली के वतन लौटने के बाद रहाणे ने कप्तानी संभाली थी। उनकी शांत और सटीक अगुवाई में भारत ने मेलबर्न में वापसी करते हुए ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती थी।