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| सूरजपुर; समय-सीमा बैठक में मानसून तैयारियों एवं खरीफ उर्वरक वितरण की हुई व्यापक समीक्षा |
सूरजपुर - कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में मानसून की पूर्व तैयारियों, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यापक समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि आमजन तक उनका प्रभावी लाभ सुनिश्चित करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आमजन की समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण मंच है और सभी संबंधित अधिकारी हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करें।
बैठक में खरीफ 2026 सीजन के लिए जिले में उर्वरक भंडारण एवं वितरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। विकासखंड एवं समितिवार यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी तथा पोटाश की उपलब्धता और वितरण की जानकारी ली गई। समीक्षा में सामने आया कि जिले में वर्ष 2026 के लिए कुल 43,420 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित है। 12 जून की स्थिति में 31,717 मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है, जबकि अब तक 14,394 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया गया है, जो लक्ष्य का 33 प्रतिशत एवं भंडारण का 45 प्रतिशत है।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने निर्देश दिए कि किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खाद समितियां शनिवार को भी खुली रखी जाएं। उन्होंने कृषक बंधुओं से अपील की कि वे अपनी आवश्यकता अनुसार खाद का उठाव सुनिश्चित करें ताकि मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखी जा सके। साथ ही जिन विकासखंडों में वितरण की गति धीमी है, वहां इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पंचायतों एवं नगरीय निकायों में नालियों की सफाई, जलभराव रोकने तथा मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में स्कूल, छात्रावास अथवा आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित नहीं होंगे तथा सभी जर्जर भवनों का सर्वे कर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उन्हें डिस्मेंटल किया जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, एग्री-स्टैक पंजीयन, सड़क निर्माण, जल निकासी, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेन्द्र पाटले, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, सर्व एसडीएम सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आजतक 24 के प्रशासन से सवाल
1. जिले में 43,420 मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य है, लेकिन 12 जून तक केवल 14,394 मीट्रिक टन (33%) ही वितरित हो सका है। खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद वितरण की यह धीमी गति क्या प्रशासनिक विफलता नहीं है? यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिली तो इसकी जिम्मेदारी किस अधिकारी की होगी?
2. हर साल बारिश के दौरान जर्जर स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों की स्थिति को लेकर निर्देश जारी किए जाते हैं। जिले में वर्तमान में कितने जर्जर भवन चिन्हित हैं, कितने अभी भी उपयोग में हैं, और पिछले वर्ष ऐसे भवनों को हटाने के लिए कितने अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी?
3. सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की बात बार-बार होती है, लेकिन कई शिकायतकर्ता आरोप लगाते हैं कि बिना वास्तविक समाधान के उनकी शिकायतें बंद कर दी जाती हैं। क्या जिला प्रशासन शिकायत बंद होने के बाद शिकायतकर्ता से स्वतंत्र रूप से फीडबैक लेकर सत्यापन करता है? यदि नहीं, तो शिकायतों के वास्तविक निराकरण की निगरानी कैसे होती है?
