| राजनांदगांव में पुलिस–RPF–GRP की मॉक ड्रिल से गूंजा आपातकालीन अभ्यास Aajtak24 News |
राजनांदगांव - राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और रेलवे विभाग की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था। यह मॉक ड्रिल पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस दौरान मुंबई–भुवनेश्वर लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन और बिलासपुर–दिल्ली छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की सुरक्षा जांच करते हुए स्टेशन परिसर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया।
अभ्यास के दौरान कई आपातकालीन परिस्थितियों का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्टेशन पर अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति, यात्रियों के अचानक बेहोश होने की घटना तथा संदिग्ध लावारिस बैग मिलने जैसी परिस्थितियां शामिल थीं। इन परिस्थितियों के दौरान संयुक्त टीमों ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए भीड़ को नियंत्रित किया, यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया और इवैक्युएशन रूट एवं फुट ओवर ब्रिज के माध्यम से सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की। साथ ही संदिग्ध वस्तु की जांच और सुरक्षा घेराबंदी की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
पूरे अभ्यास के दौरान BDDS टीम, डॉग स्क्वायड और रेलवे सुरक्षा अधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी विभागों ने बेहतरीन तालमेल और तत्परता का प्रदर्शन किया।अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और पूरे घटनाक्रम को नियंत्रित एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न किया गया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या ऐसे मॉक ड्रिल केवल औपचारिक अभ्यास तक सीमित रहते हैं, या वास्तविक भीड़भाड़ वाले दिनों में इनका लागू किया गया प्रोटोकॉल वास्तव में फॉलो किया जाता है?
- स्टेशन पर भगदड़ जैसी स्थिति की परिकल्पना तो अभ्यास में की गई, लेकिन क्या वास्तविक समय में भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्थायी स्टाफ और संसाधन उपलब्ध हैं?
- संदिग्ध बैग और सुरक्षा अलर्ट जैसी स्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच कम्युनिकेशन गैप न हो, इसके लिए क्या कोई एकीकृत कमांड सिस्टम नियमित रूप से सक्रिय रहता है?