इंदौर तैयार, दुनिया के कृषि मंत्री होंगे आमने-सामने; सुरक्षा से स्वागत तक हाई अलर्ट

इंदौर तैयार, दुनिया के कृषि मंत्री होंगे आमने-सामने; सुरक्षा से स्वागत तक हाई अलर्ट

इंदौर - मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर जल्द ही वैश्विक कृषि संवाद का केंद्र बनने जा रही है। 9 से 13 जून 2026 तक यहां आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय BRICS कृषि सम्मेलन में सदस्य देशों के कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे। इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

शुक्रवार को कलेक्टर शिवम वर्मा और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मेलन से जुड़े विभिन्न स्थलों, आवागमन मार्गों और अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाओं का संयुक्त निरीक्षण किया। विशेष बात यह रही कि अधिकारियों ने अलग-अलग वाहनों के बजाय बसों में बैठकर पूरे रूट का निरीक्षण किया, जिससे ईंधन बचत और समन्वय दोनों का संदेश दिया गया।

एयरपोर्ट से आयोजन स्थल तक व्यवस्थाओं की जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एयरपोर्ट से लेकर अतिथियों के आवास स्थलों और सम्मेलन स्थलों तक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेरियट होटल और शैरेटन ग्रैंड पैलेस सहित प्रमुख स्थानों तक पहुंचने वाले मार्गों का सूक्ष्म परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि विदेशी मेहमानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मालवा की समृद्ध संस्कृति तथा पारंपरिक आतिथ्य का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों को आयोजन के दौरान हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि नवाचारों का होगा वैश्विक प्रदर्शन

कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में कृषि वर्ष मनाया जा रहा है। इसी के तहत BRICS सम्मेलन में मध्यप्रदेश की कृषि उपलब्धियों, नवाचारों और आधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा।

ढक्कन वाला कुआं स्थित हाट बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर कृषि प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जहां विदेशी प्रतिनिधियों को प्रदेश के कृषि मॉडल, प्राकृतिक खेती, उन्नत तकनीक और किसान हितैषी पहलों की जानकारी दी जाएगी।

खाद्य सुरक्षा से AI आधारित खेती तक होगा मंथन

सम्मेलन में वैश्विक खाद्य सुरक्षा, पोषण, जलवायु परिवर्तन, किसान कल्याण, कृषि व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और कृषि अनुसंधान जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और कृषि नवाचारों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन भविष्य की कृषि नीतियों और तकनीकी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारत और मध्यप्रदेश के लिए गौरव का अवसर

यह सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है और इसके लिए इंदौर का चयन होना प्रदेश के लिए विशेष उपलब्धि माना जा रहा है। 9 से 11 जून तक BRICS कृषि कार्य समूह (AWG) की बैठक होगी, जबकि 12 और 13 जून को सदस्य देशों के कृषि मंत्री कृषि और खाद्य सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

प्रशासन का कहना है कि इंदौर पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है और इस बार भी शहर अपनी पहचान के अनुरूप बेहतर व्यवस्थाएं प्रस्तुत करेगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. BRICS सम्मेलन पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस आयोजन से मध्यप्रदेश और यहां के किसानों को प्रत्यक्ष रूप से क्या ठोस लाभ मिलने वाला है?

2. सम्मेलन में जलवायु स्मार्ट कृषि और किसान कल्याण पर चर्चा होगी, लेकिन क्या इन विषयों पर होने वाले निर्णयों को जमीनी स्तर पर लागू करने की कोई स्पष्ट कार्ययोजना भी तैयार की गई है?

3. मध्यप्रदेश की कृषि उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा, लेकिन प्रदेश के किसानों की लागत, फसल मूल्य और सिंचाई जैसी मौजूदा चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर किस रूप में उठाया जाएगा?

Post a Comment

Previous Post Next Post