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| निवाड़ी; बारिश आने से पहले प्रशासन अलर्ट: बाढ़, आग और आपदा से लड़ने के लिए कंट्रोल रूम बनाने का आदेश Aajtak24 News |
निवाड़ी - मानसून की दस्तक से पहले निवाड़ी प्रशासन ने आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारी तेज कर दी है। बाढ़, वनाग्नि और अन्य आपात परिस्थितियों से समय रहते निपटने के लिए कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े ने जिला स्तर पर व्यापक तैयारी के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया और जिला पंचायत सीईओ श्री रोहन सक्सेना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि आपदा आने के बाद नहीं, उससे पहले तैयारी पूरी होनी चाहिए ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
बाढ़ से पहले कंट्रोल रूम और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में बाढ़ प्रबंधन के लिए अलग जिला कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। साथ ही उन क्षेत्रों को तत्काल चिन्हित किया जाए जहां हर साल जलभराव या बाढ़ की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले सभी उपकरण, संसाधन और जीवन रक्षक सामग्री पहले से तैयार स्थिति में रखी जाए ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उपयोग किया जा सके।
लोगों और पशुधन दोनों की सुरक्षा पर फोकस
बैठक में आपदा की स्थिति में सुरक्षित स्थानों के पूर्व चयन पर भी जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि संभावित प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्ययोजना पहले से तैयार रहे। इसके साथ ही पशुधन सुरक्षा को भी प्राथमिकता में रखा गया। बाढ़ या आपदा के दौरान पशुओं के लिए चारा, सुरक्षित आश्रय और आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
जर्जर भवनों और अग्निशमन व्यवस्था की होगी समीक्षा
कलेक्टर ने जिले के जर्जर और खतरनाक भवनों का चिन्हांकन कर उनकी जांच करने के निर्देश दिए। वहीं अग्निशमन व्यवस्था को पूरी तरह सक्रिय और तैयार रखने के लिए फायर ब्रिगेड वाहनों की स्थिति अपडेट रखने को कहा गया।
वनाग्नि पर अलग निगरानी तंत्र
बैठक में जंगलों में आग लगने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वनाग्नि निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित विभागों को बचाव और प्रतिक्रिया तंत्र मजबूत करने को कहा गया। प्रशासन का मानना है कि मौसम परिवर्तन के दौर में पूर्व तैयारी ही बड़े नुकसान को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. पिछले तीन वर्षों में जिले में बाढ़ और वनाग्नि से कितना नुकसान हुआ और उन घटनाओं से क्या सीख लेकर इस बार नई व्यवस्था बनाई गई है?
2. जिला कंट्रोल रूम कब तक पूरी तरह संचालित होगा और आपदा की स्थिति में उसकी जवाबदेही किस विभाग के पास रहेगी?
3. संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान के बाद क्या वहां मॉक ड्रिल, राहत सामग्री और स्थानीय स्वयंसेवी नेटवर्क भी तैयार किए जाएंगे या तैयारी केवल प्रशासनिक स्तर तक सीमित रहेगी?
