| बस्तर; 236 आवेदन, 36 लाख की घोषणाएं और मंच पर योजनाओं की बारिश Aajtak24 News |
जगदलपुर - सुशासन तिहार के तहत बस्तर विकासखंड के कुरुषपाल में आयोजित समाधान शिविर केवल सरकारी आयोजन नहीं बल्कि योजनाओं को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाने का बड़ा प्रशासनिक प्रदर्शन बनकर सामने आया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याओं, मांगों तथा स्थानीय जरूरतों को प्रशासन के सामने रखा। कुल 236 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके निराकरण के लिए अधिकारियों ने कार्रवाई प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। शिविर के दौरान विकास कार्यों को भी गति देने का प्रयास दिखा। जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप ने लगभग 36.06 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी और पूर्ण परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया। इसके साथ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधायक निधि से प्रस्तावित पुलिया निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाने की घोषणा की गई।
कार्यक्रम में संतोष बघेल, निर्देश दीवान और शकुंतला कश्यप सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर में कई विभागों ने मौके पर लाभ वितरण भी किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभ दिया, जबकि मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में डबरी निर्माण स्वीकृत किए गए। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई महिलाओं को ऋण स्वीकृति और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। खाद्य विभाग ने नए राशन कार्ड वितरित किए और महिला एवं बाल विकास विभाग ने मातृ योजनाओं की जानकारी एवं सहायता पहुंचाई।
शिविर का दायरा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा तक भी दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, नवसाक्षरों को प्रमाणन, बुजुर्गों को पेंशन, दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राई-साइकिल और किसानों को कृषि सामग्री उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य विभाग ने चश्मे, कार्ड और स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी सेवाएं भी दीं। हालांकि ऐसे आयोजनों की वास्तविक सफलता अब इस बात से तय होगी कि 236 आवेदनों में से कितनों का तय समय में समाधान होता है और घोषित 36 लाख के विकास कार्य जमीन पर कितनी तेजी से दिखते हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. शिविर में प्राप्त 236 आवेदनों में से कितने आवेदन तत्काल निस्तारित हुए और बाकी के लिए समयसीमा क्या तय की गई है?
2. 36.06 लाख रुपये के विकास कार्यों में कितनी राशि नए कार्यों के लिए है और कितना हिस्सा पहले से स्वीकृत योजनाओं का पुनः उद्घाटन है?
3. जिन हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिया गया, उनकी पात्रता और चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र निगरानी कैसे सुनिश्चित की जाएगी ताकि वास्तविक जरूरतमंद ही लाभान्वित हों?