सक्ती में सड़े फलों पर चला प्रशासन का डंडा, दुकानों से जब्त हुआ खराब माल Aajtak24 News

सक्ती में सड़े फलों पर चला प्रशासन का डंडा, दुकानों से जब्त हुआ खराब माल Aajtak24 News

सक्ती - जिले में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों पर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में 27 मई से 29 मई 2026 तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत फल दुकानों और भंडारण केंद्रों पर लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। अभियान के पहले ही दिन कई दुकानों में खराब और सड़े फल मिलने से हड़कंप मच गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के नियंत्रक के आदेश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर चल रही इस कार्रवाई में टेमर रोड स्थित मधु फल दुकान से तरबूज का नमूना लेकर जांच के लिए रायपुर प्रयोगशाला भेजा गया है। माना जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

निरीक्षण के दौरान बाबी फल भंडार से 9 किलो खराब आम और कचहरी चौक स्थित शगुन फल भंडार से 3 किलो खराब अंगूर जब्त किए गए। विभागीय टीम ने मौके पर ही इन खराब फलों को नष्ट कराया। कार्रवाई के दौरान अन्य दुकानों की भी जांच की गई और दुकानदारों को साफ-सफाई रखने तथा सड़े-गले फल नहीं बेचने की सख्त चेतावनी दी गई।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद फल व्यापारियों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खुलेआम खराब फल बेचने का खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन अब प्रशासन की सक्रियता से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शांतनु भट्टाचार्य और श्री निखिलेश साहू मौजूद रहे। विभाग ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी जिलेभर में इसी तरह निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि केवल 12 किलो खराब फल ही मिले, तो क्या विभाग यह मानता है कि जिले की बाकी सभी दुकानों में बिक रहे फल पूरी तरह सुरक्षित हैं, या जांच अभी सतही स्तर पर ही सीमित है?
  2. तरबूज का नमूना जांच के लिए भेजा गया है, लेकिन रिपोर्ट आने तक संबंधित दुकान पर बिक्री जारी रहेगी या एहतियातन कोई अस्थायी रोक लगाई गई है?
  3. क्या विभाग यह बताएगा कि पिछले एक वर्ष में सड़े-गले फल बेचने वाले कितने दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए, या कार्रवाई सिर्फ चेतावनी तक ही सीमित रहती है?

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