निवाड़ी; प्रभु की इच्छा में अपनी लगन लगा लीजिए, वही होगा जो आप चाहेंगे — स्वामी दीनबंधु दास जी Aajtak24 News

प्रभु की इच्छा में अपनी लगन लगा लीजिए, वही होगा जो आप चाहेंगे — स्वामी दीनबंधु दास जी Aajtak24 News

निवाड़ी - नगर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में स्थापना वर्ष के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित हरिहर मिलन महामहोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...” जैसे बधाई गीतों से पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालु झूमकर नृत्य करने लगे। कथा व्यास स्वामी दीनबंधु दास जी महाराज ने कहा कि यदि व्यक्ति अपनी लगन प्रभु की इच्छा में लगा दे तो जीवन में वही होता है जो वह चाहता है। भगवान की साधना करने से मनुष्य का अहंकार समाप्त होता है और उसके जीवन में शांति, संतुलन एवं सकारात्मकता आती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति भगवान की कथा श्रद्धा भाव से सुन लेता है, उसे कभी नरक नहीं जाना पड़ता।

स्वामी जी ने मीराबाई का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्चा भक्त हर परिस्थिति में भगवान पर विश्वास बनाए रखता है। वहीं जड़ भरत की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि आसक्ति मनुष्य के पतन का सबसे बड़ा कारण है। हिरण के प्रति अत्यधिक मोह के कारण जड़ भरत को अगले जन्म में हिरण बनना पड़ा। इसलिए मनुष्य को मोह-माया से दूर रहकर प्रभु भक्ति में मन लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्संग से ही अच्छे संस्कार प्राप्त होते हैं और कुसंग का प्रभाव बहुत जल्दी पड़ता है। इसलिए व्यक्ति को सदैव कुसंग से बचना चाहिए। अजामिल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संतों के बताए मार्ग पर चलकर उसका भी कल्याण हो गया था।

स्वामी दीनबंधु दास जी ने कहा कि पापों का प्रायश्चित संभव है, लेकिन अपराध का कोई प्रायश्चित नहीं होता। रावण ने विभीषण जैसे संत स्वरूप भाई का अपमान किया, जिसके कारण उसका संपूर्ण वंश और साम्राज्य नष्ट हो गया। संत का अपराध केवल उनकी सेवा से ही समाप्त हो सकता है। कथा के दौरान ध्रुव चरित्र, भगवान ऋषभदेव एवं नामदेव जी के प्रसंग भी सुनाए गए। उन्होंने कहा कि जीवन में साधना होगी तो व्यक्ति अहंकार से बचा रहेगा। साथ ही कहा कि घर में गाय का प्रवेश होने मात्र से अनेक दोष दूर हो जाते हैं। पतिव्रता नारी की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि धर्मपरायण पत्नी अपने तप और सामर्थ्य से सूर्य को भी उदित होने से रोक सकती है।  कथा में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से आलोक मोदी, विक्रम शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष गुलाब अहिरवार, उपाध्यक्ष सत्यदेव तिवारी, राघवेंद्र शुक्ला, रामअवतार तिवारी, संजय सोनी, स्वामी प्रसाद चतुर्वेदी, अजीत तिवारी सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post