| सीहोर; ग्राम पंचायत रामगढ़ के प्रभावित गांवों में तत्काल नए नलकूप खनन कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए Aajtak24 News |
सीहोर - जिले की ग्राम पंचायत रामगढ़ में भीषण जल संकट को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। पंचायत के अंतर्गत आने वाले पांच गांवों में से एक गांव को छोडक़र बाकी चार गांवों — माजरी टोल, पांगरी जंगल, कलापठा और महू बड़ला — में लगे हेडपंप और नलकूप पूरी तरह सूख चुके हैं, जिससे ग्रामीण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में पानी की गंभीर समस्या को लेकर दो दिन पूर्व दर्जनों ग्रामीण भोपाल पहुंचे थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर नए नलकूप खनन की मांग की थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग के एसडीओ अहिरवार द्वारा मौके पर गलत रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई। बताया जा रहा है कि जिस गांव में पानी उपलब्ध है, उसी की रिपोर्ट को आधार बनाकर पूरे क्षेत्र में पानी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई, जबकि चार गांवों में हेडपंप सूखे पड़े हैं। इसको लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है।
सरपंच प्रतिनिधि अशोक मीणा ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और झूठी रिपोर्ट के कारण गांवों में नए नलकूप खनन नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जल व्यवस्था नहीं की गई तो पीएचई विभाग और एसडीओ अहिरवार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इधर, जब सूखे बोरों की सफाई के लिए मशीन गांव पहुंची तो ग्रामीण महिला-पुरुषों ने खाली बर्तन लेकर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मांग की कि ग्राम पंचायत रामगढ़ के प्रभावित गांवों में तत्काल नए नलकूप खनन कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।