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| रीवा; मतदाता सूची पर खुला आखिरी मौका: नाम छूटा, गलती हुई या बदलाव चाहिए Aajtak24 News |
रीवा - आने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच रीवा में मतदाता सूची को लेकर प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम को लेकर आयोजित स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूरी कार्ययोजना से अवगत कराया गया और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत ही त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची से हो, ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटे नहीं और किसी अपात्र नाम की स्थिति भी न बने।
15 मई को प्रकाशित हुई प्रारूप मतदाता सूची
बैठक में बताया गया कि नगरीय निकाय एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन 15 मई को किया जा चुका है। इसके बाद नागरिकों को सूची की जांच करने और आवश्यक सुधार कराने का अवसर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची में—
- नया नाम जोड़ने,
- मृत मतदाता का नाम हटाने,
- स्थानांतरण के कारण नाम विलोपित कराने,
-
विवरण सुधारने
और अन्य दावे-आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 25 मई 2026 तक समय निर्धारित किया गया है।
राजनीतिक दलों को भी दी गई सूची
बैठक के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं ताकि वे भी अपने स्तर पर सूची का परीक्षण कर सकें और आवश्यक सुझाव या आपत्तियां समय पर प्रस्तुत कर सकें। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुधीर कुमार बेक, संबंधित अधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मतदाता सूची क्यों है इतनी अहम?
मतदाता सूची केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज नहीं होती, बल्कि यही तय करती है कि चुनाव में किसे मतदान का अधिकार मिलेगा। इसलिए सूची में छोटी गलती भी किसी नागरिक को मतदान से वंचित कर सकती है या विवाद की वजह बन सकती है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. पिछले पुनरीक्षण में कितने पात्र मतदाताओं के नाम छूटे थे और इस बार ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए क्या अतिरिक्त व्यवस्था की गई है?
2. क्या प्रशासन ने यह आकलन किया है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कितने लोग अब तक मतदाता सूची सत्यापन प्रक्रिया से बाहर हैं?
3. 25 मई के बाद प्राप्त शिकायतों या तकनीकी त्रुटियों के लिए क्या कोई विशेष सुधार तंत्र या अपील प्रक्रिया उपलब्ध होगी?
