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| उमरिया; हर घर तक पहुंचेगा जनगणना का संदेश… उमरिया में ‘प्रचार रथ’ रवाना Aajtak24 News |
उमरिया - जिले में आगामी जनगणना को लेकर प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। आमजन को जनगणना के महत्व और प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर से जनगणना प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान कलेक्टर राखी सहाय एवं जनगणना प्रमुख अधिकारियों ने अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं का निर्माण करती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग करें और प्रगणकों को सही एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं।
प्रशासन द्वारा रवाना किया गया यह प्रचार रथ जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से लोगों को जनगणना की प्रक्रिया, मकान सूचीकरण, परिवार संबंधी विवरण और पूछे जाने वाले प्रश्नों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही नागरिकों को यह भी बताया जाएगा कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।
जनगणना प्रमुख अधिकारी ने बताया कि कई बार लोगों में यह भ्रम रहता है कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक हो सकती है, जबकि ऐसा नहीं है। प्रचार रथ के जरिए लोगों में जागरूकता फैलाकर इस भ्रम को दूर किया जाएगा और जनगणना में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, संयुक्त कलेक्टर अमित सिंह, एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज तथा जनगणना नोडल अधिकारी प्रत्युष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या प्रशासन यह सुनिश्चित कर पाएगा कि दूरस्थ ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जानकारी पूरी सटीकता से दर्ज हो, जहां पहले भी कई परिवार सरकारी आंकड़ों से बाहर रह चुके हैं?
- जनगणना की गोपनीयता का दावा किया जा रहा है, लेकिन डेटा लीक और डिजिटल सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रशासन नागरिकों का भरोसा कैसे कायम करेगा?
- यदि किसी नागरिक की जानकारी गलत दर्ज हो जाती है या उसका नाम छूट जाता है, तो उसके सुधार के लिए जिला स्तर पर क्या प्रभावी और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की गई है?
