| एमसीबी; जब सूखने लगी उम्मीद, तब चला हैंडपंप… तपती गर्मी में थोरगी को मिली राहत की सांस Aajtak24 News |
एमसीबी - भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे समय में विकासखंड भरतपुर के ग्राम थोरगी में खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत और सुधार कार्य पूरा होने के बाद ग्रामीणों को राहत मिली है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बंद पड़े हैंडपंपों का निरीक्षण किया और आवश्यक मरम्मत कार्य कराया। विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट को देखते हुए खराब जल स्रोतों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है ताकि लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
विभागीय टीम द्वारा किए गए सुधार कार्य के बाद गांव में पानी की उपलब्धता दोबारा शुरू हुई, जिससे स्थानीय लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए राहत मिली। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान के बीच पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही थी और समय पर सुधार कार्य होने से स्थिति संभल गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अनुसार जिलेभर में गांव-गांव जाकर पेयजल स्रोतों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। विभाग का दावा है कि जहां भी हैंडपंप बंद या खराब पाए जा रहे हैं, वहां त्वरित कार्रवाई कर सुधार कार्य कराया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि गर्मी के पूरे मौसम में पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को कम करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. ग्राम थोरगी में हैंडपंप खराब होने के बाद मरम्मत हुई— लेकिन यह समस्या कितने दिनों से थी और शिकायत के बाद कार्रवाई में कितना समय लगा?
2. जिले में कुल कितने हैंडपंप वर्तमान में बंद या आंशिक रूप से खराब हैं और उनमें से कितनों की मरम्मत अब तक पूरी हुई है?
3. हर गर्मी में हैंडपंप सुधार अभियान चलाया जाता है— क्या विभाग दीर्घकालिक जल प्रबंधन या वैकल्पिक पेयजल स्रोतों पर भी काम कर रहा है या व्यवस्था केवल मरम्मत तक सीमित है?