दुर्ग के जाम वाले इलाकों का पैदल निरीक्षण, चौकों और ट्रैफिक सिस्टम के बड़े बदलाव का संकेत Aajtak24 News

दुर्ग के जाम वाले इलाकों का पैदल निरीक्षण, चौकों और ट्रैफिक सिस्टम के बड़े बदलाव का संकेत Aajtak24 News

दुर्ग - शहर की बढ़ती आबादी, वाहनों के बढ़ते दबाव और लगातार गहराती जाम की समस्या के बीच अब प्रशासन सड़क पर उतरकर समाधान की दिशा में सक्रिय दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बुधवार को दुर्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों का जमीनी निरीक्षण किया और अधिकारियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ठोस एवं कार्यबद्ध योजना तैयार करने के निर्देश दिए। सुबह से शुरू हुए इस निरीक्षण अभियान में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और एसएसपी श्री विजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और अन्य अधिकारियों के साथ मंत्री ने शहर की वास्तविक यातायात स्थिति को मौके पर समझने का प्रयास किया।

निरीक्षण के दौरान पटेल चौक, अग्रसेन चौक, होटल मान चौक और रेलवे स्टेशन क्षेत्र का विस्तार से अवलोकन किया गया। इसके बाद टीम ने पटेल चौक से स्टेशन रोड, शिक्षक नगर और इंदिरा मार्ग तक पैदल भ्रमण कर यातायात व्यवस्था की चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं को देखा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थायी ट्रैफिक मॉडल तैयार किया जाए। निरीक्षण के दौरान चौक-चौराहों की संरचना, वाहन प्रवाह, सड़क चौड़ाई और प्रकाश व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई।

प्रशासन को निर्देश दिए गए कि पटेल चौक, मिनीमाता चौक, जेल तिराहा और अग्रसेन चौक को तय मानकों के अनुसार विकसित किया जाए। इन स्थानों पर सौंदर्यीकरण के साथ पूर्ण विद्युत व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा मिनीमाता चौक से ठगड़ा बांध जेल तिराहा मार्ग तक आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई। वहीं होटल मान चौक क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए चौड़ीकरण और नई स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश भी दिए गए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि शहर का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात अनुभव मिलना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना ऐसी हो जो भविष्य में बढ़ते वाहन दबाव को भी संभाल सके। अब देखना होगा कि यह निरीक्षण आगे जाकर शहर की यातायात व्यवस्था में कितना वास्तविक बदलाव ला पाता है और लोगों को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से कितनी राहत मिलती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. जिन चौक-चौराहों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण की घोषणा हुई है, उनके लिए स्वीकृत बजट, समयसीमा और एजेंसी कौन होगी?

2. क्या इस निरीक्षण से पहले किसी स्वतंत्र ट्रैफिक सर्वे या वाहन घनत्व अध्ययन के आधार पर सुधार योजना बनाई गई है, या निर्णय केवल मौके के निरीक्षण पर आधारित हैं?

3. यदि चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाना पड़ा तो क्या प्रभावित व्यापारियों और नागरिकों के लिए पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की कोई नीति तैयार की गई है?

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