सक्ती; खेतों की खाद या काले कारोबार का खेल? घर से मिली 82 बोरी उर्वरक, प्रशासन ने मारा छापा Aajtak24 News

सक्ती; खेतों की खाद या काले कारोबार का खेल? घर से मिली 82 बोरी उर्वरक, प्रशासन ने मारा छापा Aajtak24 News

सक्ती - जिले में किसानों के हिस्से की खाद पर कालाबाजारी का शक गहराता नजर आ रहा है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड डभरा के ग्राम पुटीडीह में एक घर से 82 बोरी उर्वरक जब्त किया है। बिना लाइसेंस और वैध दस्तावेज के भारी मात्रा में खाद का भंडारण मिलने से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार जिले में उर्वरक की असामान्य बिक्री, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान विभाग को गोपनीय सूचना मिली कि ग्राम पुटीडीह में बड़े पैमाने पर खाद का अवैध भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर विकासखंड स्तरीय टीम ने श्री दिलीप कुमार साहू के घर दबिश दी।

जांच के दौरान टीम को लगभग 82 बोरी यानी करीब 4.100 मीट्रिक टन उर्वरक मिला। जब संबंधित व्यक्ति से खरीद बिल और वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद प्रशासन ने प्रथम दृष्टया किसानों को महंगे दामों पर खाद बेचने और कालाबाजारी की आशंका जताई। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए उर्वरक निरीक्षक द्वारा पूरी खेप जब्त कर ली गई। प्रशासन ने संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा है। कार्रवाई के दौरान उर्वरक निरीक्षक श्री राजेन्द्र कुमार पटेल, नायब तहसीलदार श्री आशीष पटेल, हल्का पटवारी और ग्राम कोटवार मौजूद रहे।

इधर कृषि विभाग ने जिलेभर के उर्वरक विक्रेताओं को साफ चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस खाद का भंडारण, परिवहन या बिक्री करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही उर्वरक खरीदें और पक्का बिल जरूर लें। कृषि सीजन से पहले हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी सख्ती माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले में और भी छापामार कार्रवाई हो सकती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि 82 बोरी उर्वरक बिना लाइसेंस घर में रखा गया था, तो क्या विभाग यह मानता है कि जिले में कालाबाजारी का नेटवर्क पहले से सक्रिय है और निगरानी व्यवस्था अब तक विफल रही है?
  2. जब्त खाद किसानों तक पहुंचने से पहले पकड़ी गई, लेकिन क्या विभाग यह बता सकता है कि पिछले सीजन में कितनी खाद कालाबाजारी के जरिए किसानों को महंगे दामों पर बेची गई होगी?
  3. क्या प्रशासन सिर्फ छोटे स्तर के भंडारणकर्ताओं पर कार्रवाई कर रहा है, या बड़े सप्लायर और उन अधिकारियों की भी जांच होगी जिनकी मिलीभगत के बिना इतनी मात्रा में खाद जमा करना संभव नहीं माना जाता?

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