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| सीधी; 50 दिन से ज्यादा शिकायत लटकी तो होगी कार्रवाई! मुख्य सचिव ने अफसरों को दी सीधी चेतावनी |
सीधी - प्रदेश में सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त मोड में दिखाई दे रही है। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कलेक्टर्स को साफ संदेश दिया कि आमजन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी शिकायत 50 दिनों से अधिक लंबित न रहे। मुख्य सचिव ने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निपटाने के निर्देश देते हुए कहा कि देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को समय पर राहत और न्याय देना ही सुशासन की असली पहचान है।
मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव ने सभी जिलों को पहले से आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत शिविर, बचाव दल और जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी स्थिति में जन-धन की हानि न्यूनतम हो। सड़क सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य सचिव ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने, ब्लैक स्पॉट कम करने और हेलमेट अनिवार्यता लागू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की जानकारी तत्काल ई-डार पोर्टल पर दर्ज की जाए और प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों को मुफ्त उपचार उपलब्ध कराया जाए। राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर भी सख्ती दिखाई गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध खनन में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए और लगाए गए जुर्माने की प्रभावी वसूली सुनिश्चित हो। खेती और खाद्य प्रसंस्करण को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि खेती, पशुपालन, मछलीपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बढ़ावा देने और किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने पर जोर दिया। खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अब सभी जिलों में ई-विकास सिस्टम लागू किया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को केवल ई-टोकन के माध्यम से ही खाद का वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उपार्जित गेहूं का सुरक्षित भंडारण और किसानों को 5 जून तक शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 30 जून तक सभी जल संरक्षण कार्य पूर्ण कर पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। मनरेगा के स्वीकृत निर्माण कार्यों को भी समय सीमा में पूरा करने को कहा गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नशा और मिलावट विरोधी अभियान तथा नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि उपलब्ध कराने जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीधी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी केंद्र से कलेक्टर श्री विकास मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी, जिला पंचायत सीईओ श्री शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर श्री बी.पी. पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए।
