| बस्तर की सुरक्षा होगी हाईटेक: 11 नई डायल-112 गाड़ियां और फॉरेंसिक वैन मैदान में Aajtak24 News |
जगदलपुर - नक्सल प्रभावित और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले बस्तर क्षेत्र में अब सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को नई तकनीकी ताकत मिलने जा रही है। जिले के लिए 11 अत्याधुनिक डायल-112 वाहन और एक आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस पहल को कानून-व्यवस्था, आपात सहायता और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लालबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विधायक किरण सिंह देव और सुंदरराज पी ने वाहनों को रवाना किया। कार्यक्रम में महापौर संजय पांडे, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने वाहनों में स्थापित आधुनिक संसाधनों की जानकारी भी ली।
यह पहल उस राज्यस्तरीय अभियान का हिस्सा है जिसकी शुरुआत 18 मई को अमित शाह द्वारा रायपुर में की गई थी। इसका उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और नए आपराधिक कानूनों के अनुरूप वैज्ञानिक जांच क्षमता को मजबूत करना है। प्रदेश में वर्ष 2018 से संचालित डायल-112 सेवा अब विस्तार के साथ सभी 33 जिलों तक पहुंच चुकी है। नई व्यवस्था में केवल वाहन नहीं बढ़े हैं, बल्कि तकनीकी स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लोकेशन पहचान प्रणाली जोड़ी गई है, जिससे आपात स्थिति में व्यक्ति की वास्तविक स्थिति तक पहुंचने में तेजी आने का दावा किया गया है।
इसके अलावा आपात सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए मुख्य नियंत्रण केंद्र के साथ एक बैकअप कंट्रोल सेंटर भी सक्रिय किया गया है, ताकि तकनीकी बाधा की स्थिति में सेवाएं प्रभावित न हों। नागरिक अब पारंपरिक कॉल के साथ मोबाइल ऐप, संदेश सेवा, डिजिटल अनुरोध और अन्य माध्यमों से भी सहायता मांग सकेंगे। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में पैनिक बटन और विशेष निगरानी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इसके जरिए पुलिस सहायता, एम्बुलेंस, अग्निशमन सेवा और महिला हेल्पलाइन को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया गया है। तकनीक आधारित यह विस्तार अब इस सवाल की ओर भी ध्यान खींचता है कि क्या नई सुविधाएं बस्तर के दूरस्थ इलाकों तक उसी प्रभाव से पहुंच पाएंगी, जैसा उनका उद्देश्य तय किया गया है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. बस्तर जैसे दूरस्थ और नेटवर्क प्रभावित इलाकों में एआई आधारित लोकेशन सिस्टम कितना प्रभावी रहेगा और इसकी फील्ड टेस्टिंग कब हुई?
2. 11 नई डायल-112 गाड़ियों के संचालन के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षित स्टाफ और प्रतिक्रिया समय का कोई सार्वजनिक लक्ष्य तय किया गया है या नहीं?
3. फॉरेंसिक मोबाइल वैन आने के बाद क्या अब घटनास्थल जांच और चार्जशीट दाखिल करने की औसत समयसीमा में कोई मापनीय सुधार लक्ष्य निर्धारित किया गया है?