| कृषक कल्याण वर्ष" 2026: गंगेव के गांवों में पहुंचा कृषि रथ, 'बलराम ई-विकास ऐप' बना मुख्य आकर्षण Aajtak24 News |
रीवा - क़ृषि वर्ष 2026 के क़ृषि रथ कार्यक्रम में विकासखंड गंगेव में 20 मई 2026 को ग्राम पंचायत बांस , माजन , गोदरी 27 में क़ृषि रथ का आयोजन किया गया जिसमे जनप्रतिनिधि सरपंच बांस कमलेश पटेल, देशराज पटेल सरपंच बांस,डा एस ऍम कुरवंशी क़ृषि वैज्ञानिक,क़ृषि महाविद्यालय रीवा,वरिष्ठ क़ृषि विकास अधिकारी श्री शिव सरण सरल एवं श्री सुधांशु शुक्ला, बबिता साकेत क़ृषि विस्तार अधिकरी, आत्मा परियोजना दीपक कुमार श्रीवास्तव, दीपिका तिवारी उपस्थिति रहे, प्रतिदिन प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर तीन चरणों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को कृषि एवं संबद्ध विषयों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, डेयरी, कुक्कुट पालन, रेशम पालन एवं कृषि अभियांत्रिकी से संबंधित योजनाओं और नवीन तकनीकों की जानकारी दी जा रही हैं ।कृषि रथ अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार करना है। डा एस ऍम कुरवंशी क़ृषि वैज्ञानिक रीवा द्वारा किसानों को ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, पराली प्रबंधन तथा खरीफ पूर्व खेत समतलीकरण, जल संरक्षण एवं संवर्धन, ईधन क़ी बजत जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।इस दौरान वरिष्ठ क़ृषि विकास अधिकारी श्री शिव सरण सरल गंगेव द्वारा बताया गया कि छोटे किसानों के लिए इंटीग्रेटेड फार्मिंग को प्रभावी मॉडल बताते हुए फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन एवं कृषि वानिकी को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। आत्मा परियोजना से दीपक कुमार श्रीवास्तव गंगेव द्वारा बताया गया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के माध्यम से किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी एवं सुविधायुक्त उर्वरक का वितरण हो सके। शासन ने बलराम ई-विकास एप द्वारा ई-टोकन उर्वरक वितरण आधारित व्यवस्था प्रारंभ की है जिसके माध्यम से जिले के किसान भाई अपने आधार सत्यापित ओटीपी से लॉगिन कर अपनी इच्छा अनुसार उर्वरक फुटकर विक्रेता का चयन कर ई-टोकन से खाद की बोरी प्राप्त कर सकते हैं।
बलराम ई-विकास ऐप के माध्यम से ई-टोकन जनरेट कर उर्वरक की बोरी प्राप्त करने हेतु चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार हैं- सर्वप्रथम किसान भाई अपना आधार दर्ज कर प्राप्त ओटीपी से पंजीकरण/लॉगिन करे। किसान की जानकारी ऑप्शन पर क्लिक कर आवश्यक जानकारी दर्ज करे। भू- अभिलेख देखे ऑप्शन से दर्ज भूमि की जानकारी देखे। भूमि दर्ज ना होने पर एग्रीस्टेक आई डी से भूमि जोडे। फसल विवरण जोड़े ऑप्शन से जिले का नाम चयन करते हुए किसान भाई बोनी की जाने वाली फसल जोडे। इसके बाद उर्वरक का चयन/कूपन जनरेट करे ऑप्शन पर क्लिक करे। इसके बाद जिले का चयन कर उर्वरक का प्रकार, उर्वरक का नाम, बैग की संख्या एवं मात्रा दर्ज कर उर्वरक जोड़े पर क्लिक करे। उत्पन्न कूपन सूची ऑप्शन से जनरेट किए गए कूपन देख सकते हैं।
सभी किसानों से जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा अपील की जाती हैं कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें एवं किसान भाई Google Play Store पर लिंक- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.crisp.e_vikas_farmer&hl=en_IN के माध्यम से बलराम (ई-विकास फार्मर) मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर किसान अपने क्षेत्र के कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।