'पड़ोसी प्रथम': भारत ने श्रीलंका पुलिस को सौंपे 134 वाहन, सुरक्षा होगी मजबूत Aajtak24 News

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कोलंबो - भारत सरकार ने 'भारत-श्रीलंका मित्रता कार्यक्रम' के तहत श्रीलंका पुलिस को 134 सिंगल कैब वाहनों का एक बेड़ा आधिकारिक तौर पर सौंप दिया है। 25 मई को आयोजित एक समारोह में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने भारत सरकार की ओर से 30 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की अनुदान सहायता के तहत खरीदी गई 134 सिंगल कैब का एक बेड़ा, श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके की उपस्थिति में श्रीलंका पुलिस को सौंपा। यह वित्तीय सहायता और रसद सहयोग दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इन वाहनों को कोलंबो के प्रेसिडेंशियल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में सौंपा गया, जिस दौरान श्रीलंका के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री आनंदा विजेपाला तथा पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) प्रियंथा वीरासूर्या भी उपस्थित रहे। 

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा इन वाहनों का मुख्य लक्ष्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, नागरिक सुरक्षा को मजबूत करना, गश्त बढ़ाना और आपातकालीन स्थितियों में जनता तक सहायता पहुंचने का समय कम करना है, ताकि श्रीलंका के नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाया जा सके। भारतीय उच्चायोग ने बताया कि श्रीलंका पुलिस के अनुरोध के जवाब में, इन सिंगल कैब की आपूर्ति के लिए जनवरी 2025 में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह उन कई पहलों में से एक थी, जिन्हें दिसंबर 2024 में राष्ट्रपति दिसानायके की भारत की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के तुरंत बाद शुरू किया गया था। उस यात्रा के दौरान, उन्होंने और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की विकास सहायता के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार किया था और प्रमुख क्षेत्रों में जन-केंद्रित विकास साझेदारी को और अधिक गहन बनाने पर सहमति व्यक्त की थी।

भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा श्रीलंका पुलिस के अनुरोध पर शुरू की गई यह पहल, ‘क्लीन श्रीलंका मिशन’ के उद्देश्यों को प्राप्त करने में योगदान देगी। ये उद्देश्य सड़क सुरक्षा, संकट में फंसे नागरिकों को समय पर सहायता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित हैं। बता दें कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत श्रीलंका की विभिन्न क्षेत्रों में सहायता करता रहता है। वाहनों के इस बेड़े का हस्तांतरण भारत-श्रीलंका के बीच बुनियादी ढांचा, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, मत्स्य पालन, सामुदायिक विकास और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में फैली बहुआयामी विकास साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है।



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