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| भाजपा प्रशिक्षण शिविर: वरिष्ठ नेता रावेन्द्र मिश्रा ने फूँका कार्यकर्ताओं में जोश, केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान Aajtak24 News |
रीवा - भारतीय जनता पार्टी के 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर' (2026) के अंतर्गत रीवा जिले के विभिन्न मंडलों में सांगठनिक मजबूती और वैचारिक स्पष्टता को लेकर गहन मंथन हुआ। इस अभियान के तहत लालगाँव, कटरा और सुहागी मंडलों में आयोजित शिविरों में भाजपा के वरिष्ठ नेता व प्रख्यात अधिवक्ता रावेन्द्र मिश्रा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। अपने ओजस्वी संबोधन से उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया, बल्कि आगामी चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार रहने का मंत्र भी दिया।
संगठन की शक्ति और विचारधारा पर जोर
प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए रावेन्द्र मिश्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन इसलिए है क्योंकि इसकी नींव इसके निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। त्यौंथर और मनगवां विधानसभा क्षेत्रों के विभिन्न मंडलों में कार्यकर्ताओं के बीच उन्होंने पार्टी की मूल रीति-नीति और "सांस्कृतिक राष्ट्रवाद" पर विस्तार से प्रकाश डाला।
"प्रशिक्षण ही वह माध्यम है जो एक सामान्य कार्यकर्ता को संगठन की रीढ़ बनाता है। भाजपा केवल चुनाव लड़ने की मशीन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक पवित्र आंदोलन है।" - रावेन्द्र मिश्रा
मोदी सरकार की उपलब्धियाँ: अंत्योदय से सर्वोदय तक
मिश्रा ने अपने संबोधन का मुख्य केंद्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं को बनाया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उदय) के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं के 'ब्रैंड एंबेसडर' बनें:
निशुल्क राशन योजना: गरीबों के घरों में चूल्हा जलता रहे, यह सरकार की प्राथमिकता है।
आयुष्मान भारत: स्वास्थ्य के क्षेत्र में आई यह क्रांति हर गरीब को इलाज की गारंटी देती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना: हर सिर पर पक्की छत सुनिश्चित करना मोदी सरकार का लक्ष्य है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा की राजनीति का केंद्र सत्ता का सुख नहीं, बल्कि गरीबों का उत्थान और सेवा है।
संघर्ष का गौरवशाली इतिहास और अटूट निष्ठा
उल्लेखनीय है कि रावेन्द्र मिश्रा का राजनीतिक जीवन संघर्षों की मिसाल रहा है। कांग्रेस के शासनकाल में जब विपक्षी आवाज दबाने की कोशिश की जाती थी, तब मिश्रा ने प्रखरता के साथ तत्कालीन सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला था। उनकी कर्मठता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक समय उनका निवास स्थान ही पार्टी गतिविधियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था। उनके इसी दीर्घकालिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता के कारण पार्टी ने उन्हें मंडल स्तर पर मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
कार्यकर्ताओं का संकल्प और नया उत्साह
प्रशिक्षण शिविर के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ-साथ युवाओं में भी रावेन्द्र मिश्रा के प्रति गहरी आस्था दिखी। शिविर के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे:
संगठन की जड़ों को बूथ स्तर तक मजबूत करेंगे।
सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित पात्र लोगों की सहायता करेंगे।
विपक्षी भ्रम को दूर कर जनता को विकास की वास्तविकता से अवगत कराएंगे।
इस प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा का जमीनी तंत्र रावेन्द्र मिश्रा जैसे अनुभवी नेताओं के मार्गदर्शन में आगामी सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

