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| किसानों के हक में कांग्रेस सेवादल का हल्लाबोल: "ब्याज वसूली बंद करो, पूरा गेहूं खरीदो" Aajtak24 News |
भोपाल - मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रोशनपुरा चौराहा स्थित न्यू मार्केट कांग्रेस कार्यालय के समीप आयोजित बैठक में सेवादल ने किसानों के शोषण को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं।
ब्याज का बोझ और खरीदी में देरी
सेवादल का मुख्य विरोध गेहूं खरीदी में हुई देरी के कारण किसानों पर लादे जा रहे 14% ब्याज को लेकर है। संगठन की मांग है कि 31 मार्च 2026 तक डिफाल्टर घोषित किए गए किसानों से ब्याज वसूली तत्काल बंद की जाए। सेवादल का तर्क है कि जब तक गेहूं की खरीदी पूरी नहीं हो जाती, उसे ही सहकारी ऋण वसूली की अंतिम तारीख माना जाना चाहिए।
नीतियों में सुधार की मांग
किसानों की तकनीकी और बुनियादी समस्याओं को उठाते हुए सेवादल ने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:
सत्यापन और बीमा: सैटेलाइट सत्यापन के नाम पर गेहूं खरीदी रोकना बंद हो। साथ ही, फसल बीमा के नाम पर कंपनियों को फायदा पहुंचाने और किसानों को लूटने की प्रक्रिया पर रोक लगे। मंडी चुनाव: पिछले 12 वर्षों से लंबित मंडी एवं सहकारिता चुनाव शीघ्र कराए जाएं ताकि किसानों को अपना प्रतिनिधित्व मिल सके। नरवाई प्रकरण: जब तक सरकार संसाधन उपलब्ध नहीं कराती, तब तक नरवाई जलाने वाले किसानों पर पुलिस केस दर्ज करना बंद किया जाए।
खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था में सुधार
सेवादल ने मांग की है कि वेयरहाउस पर तुलाई क्षमता बढ़ाकर 4000 क्विंटल प्रतिदिन की जाए ताकि किसानों को लंबी लाइनों से निजात मिले। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केवल धर्मकांटे से ही तौल की व्यवस्था अनिवार्य करने पर जोर दिया गया है। कांग्रेस सेवादल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों की इन जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो संगठन पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

