रीवा का 'कटा हुआ जूता' और सरकटी लाश: रोंगटे खड़े कर देने वाले अंधे कत्ल का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा Aajtak24 News

रीवा का 'कटा हुआ जूता' और सरकटी लाश: रोंगटे खड़े कर देने वाले अंधे कत्ल का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा Aajtak24 News

रीवा -   कानून की नजरों से कोई भी मुजरिम कितना भी शातिर क्यों न हो, वह अपनी पीछे एक ऐसी चूक छोड़ जाता है जो उसे कालकोठरी तक खींच ले जाती है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के बिछिया थाना अंतर्गत लोही ब्रिज के पास हुई एक जघन्य और दिल दहला देने वाली हत्या के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। यहाँ एक 'कटे हुए जूते' के निशान ने पुलिस को उस 'खूनी' तक पहुँचा दिया, जिसने पहचान छुपाने के लिए एक मासूम महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया था।

खौफनाक मंजर: जब खेत में मिला महिला का सिर

घटना की शुरुआत बिछिया थाना क्षेत्र के लोही ब्रिज के पास से हुई, जहाँ एक महिला की बिना सिर वाली लाश मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। शव की हालत इतनी वीभत्स थी कि पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शिनाख्त शुरू की, तो पता चला कि यह लाश 50 वर्षीय लीलावती पटेल की है। लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी; मृतिका का सिर गायब था। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से घंटों की खाक छानी और आखिरकार घर से कुछ दूरी पर एक खेत में महिला का सिर बरामद किया।

खूनी खेल की दास्तान: घर में फैला था खून का समंदर

जांच टीम जब मृतिका के घर पहुँची, तो वहाँ का नजारा देखकर अनुभवी पुलिसकर्मियों के भी पसीने छूट गए। घर के अंदर अत्यधिक मात्रा में खून फैला हुआ था। दीवारें और फर्श चीख-चीख कर गवाही दे रहे थे कि यहाँ संघर्ष हुआ है। शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि किसी धारदार हथियार से महिला का गला रेतकर उसकी हत्या की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के लिए सिर को अलग कर दिया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 118/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 238(ए) में मामला दर्ज कर जांच की कमान थाम ली।

'कटे जूते' का वह एक निशान और पुलिस की पैनी नजर

रीवा पुलिस ने इस 'ब्लाइंड मर्डर' को सुलझाने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी रास्तों को चुना। घटनास्थल के आसपास के ढाबों, सड़कों और होटलों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी दौरान पुलिस को एक बेहद महत्वपूर्ण सुराग मिला—घटनास्थल के पास गीली मिट्टी पर जूतों के कुछ निशान थे। उन निशानों में एक जूता आगे से थोड़ा कटा हुआ था। यह एक छोटा सा संकेत था, लेकिन पुलिस के लिए यही 'ब्रह्मास्त्र' साबित हुआ। संदेह के आधार पर पुलिस ने मृतिका के पड़ोस में रहने वाले राजा केवट (30 वर्ष) को हिरासत में लिया। जब राजा के जूतों की तलाशी ली गई, तो उसके जूते का कटा हुआ हिस्सा हूबहू घटनास्थल पर मिले निशानों से मेल खा गया। पुलिस का शक अब यकीन में बदल चुका था।

गुनाह का कबूलनामा: 'पहचान' का डर और कसाई जैसा जुल्म

पुलिस की कड़ी पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आगे आरोपी राजा केवट ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। राजा ने बताया कि वह केवल चोरी की नीयत से लीलावती पटेल के घर में घुसा था। उसे लगा था कि महिला सो रही है, लेकिन जैसे ही वह सामान समेटने लगा, लीलावती की नींद खुल गई। अपने पड़ोसी राजा को चोरी करते देख लीलावती ने उसे नाम से पुकारा।

पहचान उजागर होने और जेल जाने के डर से राजा के सिर पर खून सवार हो गया। उसने पास रखे धारदार हथियार से लीलावती पर हमला कर दिया और बेरहमी से गला काट दिया। उसे लगा कि अगर वह सिर गायब कर देगा, तो लाश की पहचान नहीं हो पाएगी और वह बच जाएगा। लेकिन उसे क्या पता था कि उसका अपना 'जूता' ही उसकी बर्बादी की इबारत लिख चुका है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और संदेश

बिछिया पुलिस की इस त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई ने क्षेत्र में कानून का इकबाल बुलंद किया है। 'कटे जूते' के इस केस ने यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, तकनीक और बारीकी से की गई जांच उसे कभी बचने नहीं देगी। आरोपी अब सलाखों के पीछे है और पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी कर रही है।



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