![]() |
| मऊगंज में भ्रष्टाचार का 'फेयर एंड लवली' खेल: अगस्त क्रांति मंच ने कलेक्टर की भूमिका पर उठाए तीखे सवाल Aajtak24 News |
जांच आदेशों की अनदेखी: फाइलों में दफन हो रहा भ्रष्टाचार?
कुंजबिहारी तिवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ष 2024 से लगातार भ्रष्टाचार की जांच के आदेश जारी हो रहे हैं, लेकिन आज तक एक भी जांच का नतीजा सार्वजनिक नहीं हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वे कौन से 'आका' हैं जो इन फाइलों को दबाकर बैठे हैं? तिवारी के अनुसार, ये रसूखदार लोग केवल भ्रष्टाचार के संरक्षक नहीं, बल्कि सीधे तौर पर बंदरबांट में हिस्सेदार भी हैं। उन्होंने जल जीवन मिशन का हवाला देते हुए पूछा कि बिना जमीनी काम पूरा हुए करोड़ों का भुगतान आखिर किसकी शह पर कर दिया गया?
कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास
प्रेस विज्ञप्ति में मऊगंज कलेक्टर की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा किया गया है। तिवारी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन की 'जनसुनवाई' महज एक औपचारिकता बनकर रह गई है। पीड़ितों द्वारा दिए गए आवेदन आखिर किस 'डस्टबिन' की भेंट चढ़ जाते हैं, इसका किसी को पता नहीं चलता। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि "वर्तमान कलेक्टर के रहते जिले में न्याय मिलना संभव ही नहीं है।" इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराकर उन्हें डराने और आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
'जागो जनता जागो': अगस्त क्रांति मंच का शंखनाद
भ्रष्टाचार, अपराध और माफिया गिरोह के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अगस्त क्रांति मंच ने जनता से एकजुट होने की अपील की है। कुंजबिहारी तिवारी ने आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब जनता को अपने हक और अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन भ्रष्टाचार पर मौन रहेगा, तब तक #मऊगंज_सवाल_करता_है अभियान के तहत उनका संघर्ष और आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल
जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में धांधली और उस पर जिला प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय है कि क्या वास्तव में जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर पा रही हैं या फिर 'फेयर एंड लवली' का खेल वास्तव में दागों को छिपाने में कामयाब हो रहा है।
