अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर लगा 'ब्रेक': विधायक अभय मिश्रा ने महापौर बाबा को घेरा Aajtak24 News

अतिक्रमण हटाओ मुहिम पर लगा 'ब्रेक': विधायक अभय मिश्रा ने महापौर बाबा को घेरा Aajtak24 News

रीवा - शहर के व्यस्ततम अमहिया इलाके में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब नगर निगम का दस्ता भारी पुलिस बल के साथ सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंचा। प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने पुरजोर विरोध किया, जिसके चलते घंटों चले हंगामे के बाद टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जहाँ स्थानीय विधायक ने सीधे तौर पर महापौर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।

मैदान में उतरे विधायक अभय मिश्रा, महापौर पर साधा निशाना

कार्रवाई की सूचना मिलते ही सेमरिया विधायक अभय मिश्रा मौके पर पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने जनता के बीच खड़े होकर नगर निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया। विधायक मिश्रा ने रीवा महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, "यह जनता के रोजगार और उनके घरों का मामला है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर महापौर का सड़क पर न आना और जनता को उनके हाल पर छोड़ देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।" उन्होंने इसे जनता के साथ विश्वासघात करार दिया।

स्थानीय निवासियों का दावा: "हमारे पास है पट्टा"

विरोध कर रहे व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन जिसे अतिक्रमण बता रहा है, वह असल में उनकी वैध संपत्ति है। निवासियों ने आरोप लगाया कि वे यहाँ पिछली तीन पीढ़ियों से व्यापार और निवास कर रहे हैं और उनके पास जमीन के वैध पट्टे मौजूद हैं। अचानक बिना किसी उचित वैकल्पिक व्यवस्था या संवाद के दुकानों को तोड़ना उन्हें कतई मंजूर नहीं है।

तनावपूर्ण हुए हालात, प्रशासन को पीछे हटना पड़ा

अमहिया में सड़क चौड़ीकरण के तहत जैसे ही नगर निगम के अमले ने कार्रवाई शुरू करने की कोशिश की, सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी। बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने फिलहाल कार्रवाई रोकने का फैसला किया। विधायक और जनता के कड़े रुख के आगे प्रशासन को अपना अभियान अधर में ही छोड़कर वापस जाना पड़ा।

विकास और अधिकार के बीच फंसा मामला

नगर निगम का तर्क है कि शहर के विकास और यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण अनिवार्य है, जिसके तहत अमहिया की बाधाओं को हटाया जाना था। दूसरी तरफ, स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर उनके हक और रोजी-रोटी को नहीं छीना जाना चाहिए। फिलहाल अमहिया में शांति है, लेकिन इस विवाद का समाधान कैसे निकलेगा, यह अब प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर निर्भर करेगा। शहर में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या प्रशासन दोबारा बल प्रयोग करेगा या फिर बातचीत के जरिए कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा।




Post a Comment

Previous Post Next Post