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| रीवा केंद्रीय जेल में सनसनी: प्रधान आरक्षक ने गौशाला में लगाई फांसी, सुसाइड नोट ने बढ़ाई हलचल Aajtak24 News |
रीवा - मध्य प्रदेश के रीवा स्थित केंद्रीय जेल परिसर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक प्रधान आरक्षक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मृतक की पहचान प्रधान आरक्षक रामानंद पटेल के रूप में हुई है, जिन्होंने जेल परिसर में स्थित गौशाला के भीतर फांसी लगाई।
सुसाइड नोट से खुल सकते हैं राज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। हालांकि पुलिस ने अभी तक सुसाइड नोट की सामग्री का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन इसे जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। सुसाइड नोट को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
परिजनों का गंभीर आरोप: "अधिकारियों ने किया प्रताड़ित"
इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा है। प्रधान आरक्षक के पुत्र वरुण पटेल ने जेल के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वरुण का कहना है कि उनके पिता पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान थे क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों का दावा है कि इसी प्रताड़ना और दबाव के कारण रामानंद पटेल ने ऐसा घातक कदम उठाया।
जेल प्रशासन में हड़कंप
जेल परिसर के भीतर ही एक कर्मचारी द्वारा आत्महत्या किए जाने से जेल प्रशासन की सुरक्षा और प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के समय गौशाला में कोई अन्य मौजूद था या नहीं, और किन परिस्थितियों में फांसी लगाई गई, इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है। जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस मामले में आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का मुख्य फोकस बरामद सुसाइड नोट पर है, जिसमें संभावित रूप से प्रताड़ना के कारणों या दोषियों के नाम का जिक्र हो सकता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि परिजनों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी।
