![]() |
| रीवा पुलिस में 'सफाई' और 'सम्मान': चाकघाट के भ्रष्ट चालक पर गिरी गाज, मऊगंज के 'हीरोज' हुए सम्मानित Aajtak24 News |
रीवा/मऊगंज - विंध्य क्षेत्र में डायल 112 सेवा इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जहाँ एक ओर रीवा जिले के चाकघाट में अवैध वसूली के वीडियो ने खाकी को दागदार किया, वहीं मऊगंज पुलिस के जवानों ने अपनी तत्परता से एक परिवार की जान बचाकर विभाग का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया। पुलिस अधीक्षक रीवा ने भ्रष्टाचार के मामले में त्वरित कड़ा एक्शन लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चाकघाट मामला: वीडियो वायरल होते ही एक्शन में एसपी
चाकघाट क्षेत्र में डायल 112 के चालक द्वारा अवैध वसूली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने तत्काल सख्त कार्रवाई की है।
आरक्षक लाइन हाजिर: वीडियो की प्राथमिक जांच के बाद आरक्षक सुरेंद्र मिश्रा को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है।
चालक की सेवा समाप्त: निजी चालक योगेंद्र सिंह ठाकुर को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। चूंकि यह सेवा राज्य स्तर से संचालित होती है, इसलिए इसकी प्रक्रिया भोपाल मुख्यालय से पूर्ण की गई है।
जांच का दायरा बढ़ा: एसपी ने थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की गहन जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुँचा जा सके।
मऊगंज: देवदूत बनकर उभरे डायल 112 के जवान
एक तरफ जहाँ चाकघाट में छवि खराब हुई, वहीं मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में डायल 112 ने मानवता की मिसाल पेश की। एक भीषण सड़क दुर्घटना में बोलेरो के भीतर फंसे परिवार को पायलट प्रवेश चतुर्वेदी और आरक्षक अरुण सिंह ने अपनी सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर मिली इस मदद ने एक पूरे परिवार को नई जिंदगी दी, जिसके लिए उन्हें 'रियल लाइफ हीरोज' के सम्मान से नवाजा गया है।
निष्कर्ष: भरोसे की बहाली
प्रशासन द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक है। 112 जैसी आपातकालीन सेवा की सफलता उन जांबाज और ईमानदार कर्मियों के कंधों पर टिकी है जो दिन-रात निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा में तैनात रहते हैं।
