रीवा पुलिस का 'देवदूत' अवतार: क्योटी फाल पर मौत को हराने वाली दो जांबाज रेस्क्यू कहानियाँ Aajtak24 News

रीवा पुलिस का 'देवदूत' अवतार: क्योटी फाल पर मौत को हराने वाली दो जांबाज रेस्क्यू कहानियाँ Aajtak24 News

रीवा - रीवा जिले के गढ़ थाना और लालगांव चौकी क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और मानवीय दृष्टिकोण ने दो घरों के चिराग बुझने से बचा लिए। महज 48 घंटों के भीतर पुलिस ने अपनी जान पर खेलकर दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवतियों को आत्महत्या करने से रोका। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की पूरे विंध्य क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है।

पहली घटना: साइबर सेल और लोकेशन ने बचाई जान

पहली घटना 24 मार्च की है, जब गढ़ थाना क्षेत्र के एक परेशान पिता ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी पुत्री बिना बताए घर से कहीं चली गई है। मामला संदिग्ध और आत्मघाती कदम की ओर इशारा कर रहा था। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय ने बिना समय गंवाए साइबर सेल की मदद ली। मोबाइल लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि युवती प्रसिद्ध पर्यटन स्थल 'क्योटी फाल' के बेहद करीब है।

पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। युवती फाल के बिल्कुल किनारे खड़ी थी, जहाँ से एक छोटी सी चूक भी जानलेवा हो सकती थी। पुलिस ने बड़ी सूझबूझ से युवती को बातों में उलझाया और सुरक्षित घेरे में ले लिया। बाद में समझाइश देकर उसे सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द किया गया।

दूसरी घटना: फाल की ऊंचाई पर बैठी मौत को दी मात

अभी पहली घटना की चर्चा थमी भी नहीं थी कि आज 26 मार्च की सुबह करीब 8:00 बजे डायल 112 पर एक और डरावनी सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिली कि एक अन्य युवती क्योटी फाल के सबसे ऊपरी हिस्से पर बैठी है और नीचे कूदने की तैयारी में है।

खबर मिलते ही गढ़ थाना और लालगांव चौकी का पुलिस बल मौके पर रवाना हुआ। डायल 112 के आरक्षक अनिल वर्मा और चालक आशीष विश्वकर्मा ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए टीम ने युवती को फाल के मुहाने से खींचकर सुरक्षित निकाला। गढ़ थाना प्रभारी अवनीश पाण्डेय के अनुसार, दोनों युवतियों की उम्र लगभग 20 वर्ष के आसपास है।

क्षेत्र में पुलिस की जय-जयकार

क्योटी फाल अपनी गहराई के लिए जाना जाता है, जहाँ से गिरना सीधे मौत को बुलावा देना है। ऐसे में गढ़ और लालगांव पुलिस की इस तत्परता ने खाकी के मानवीय चेहरे को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस ने चंद मिनटों की भी देरी की होती, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पुलिस की इस जांबाजी ने न केवल दो जानें बचाईं, बल्कि दो परिवारों को बिखरने से भी रोक लिया।




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