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| गढ़ पंचायत में भ्रष्टाचार का 'गढ़': बाजार बैठकी से लेकर मनरेगा तक लाखों का गबन, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा Aajtak24 News |
रीवा - रीवा जिले की ग्राम पंचायत गढ़ इन दिनों विकास कार्यों के बजाय भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण चर्चा में है। स्थानीय ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर पंचायत राज व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं के विरुद्ध बिगुल फूंक दिया है। मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के नाम एक शिकायती पत्र सौंपकर पंचायत में हुए कार्यों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
भ्रष्टाचार के पांच बड़े 'कांड': कहाँ गया जनता का पैसा?
शिकायती आवेदन में भ्रष्टाचार के जो बिंदु उठाए गए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
बाजार बैठकी की राशि 'गायब': आरोप है कि वर्ष 2023 से बाजार बैठकी के माध्यम से होने वाली लगभग 1.50 से 2 लाख रुपये की आय को पंचायत के सरकारी खाते में जमा ही नहीं किया गया। ग्राम सभा के स्पष्ट प्रस्ताव के बावजूद इस राशि का हिसाब छिपाया जा रहा है।
स्ट्रीट लाइट के नाम पर 'अंधेरगर्दी': पंचायत के खाते से स्ट्रीट लाइट के रखरखाव और नई लाइटों के नाम पर महीनों से राशि आहरीत की जा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि गांव की गलियां आज भी अंधेरे में डूबी हैं।
अधूरे निर्माण और कागजी विकास: आदिवासी बस्ती से बायपास की ओर स्वीकृत नाली निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपये की राशि 6 महीने पहले ही निकाल ली गई, लेकिन धरातल पर काम आज भी अधूरा और गुणवत्ताविहीन पड़ा है।
मनरेगा में 'अपनों' पर मेहरबानी: शिकायत में गंभीर आरोप है कि सरपंच द्वारा मनरेगा के तहत फर्जी मस्टर रोल तैयार कर अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खातों में मजदूरी की राशि डाली जा रही है, जबकि वास्तविक मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं।
पुराने काम, नया बिल: सार्वजनिक कुओं और बावड़ियों की मरम्मत के नाम पर राशि निकाली गई है, जबकि मौके पर कोई नया काम नहीं हुआ है। पुराने कार्यों का ही 'नया नवीनीकरण' दिखाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया है।
प्रशासनिक कार्यवाही और चेतावनी
शिकायती पत्र पर SDM मनगवां कार्यालय की 24/03/2026 की पावती (पाव रिसीविंग) अंकित है, जिससे स्पष्ट है कि मामला अब आधिकारिक जांच के दायरे में है। रीवा जिले में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कई सरपंचों और सचिवों के विरुद्ध रिकवरी वारंट जारी किए गए हैं, जिससे गढ़ पंचायत के दोषियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि गबन की गई राशि की वसूली और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई जल्द नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
