मनरेगा से 'गांधी' नाम हटाने पर मऊगंज कांग्रेस का हल्लाबोल; पूर्व विधायक बन्ना ने बताया इसे गांधी विचारधारा पर गहरी चोट Aajtak24 News

मनरेगा से 'गांधी' नाम हटाने पर मऊगंज कांग्रेस का हल्लाबोल; पूर्व विधायक बन्ना ने बताया इसे गांधी विचारधारा पर गहरी चोट Aajtak24 News

मऊगंज - महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम से 'गांधी' शब्द हटाए जाने के केंद्र सरकार के संभावित फैसले के खिलाफ मऊगंज में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। रविवार शाम मऊगंज स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर सरकार के इस कदम के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया और इसे राष्ट्रपिता के अपमान के साथ-साथ गरीबों के अधिकारों पर कुठाराघात करार दिया।

गांधी विचारधारा की रक्षा का संकल्प कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि यह केवल एक विरोध बैठक नहीं है, बल्कि गांधीवादी विचारधारा और गरीबों के सम्मान की रक्षा का एक बड़ा आंदोलन है। उन्होंने कहा, "मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं है, यह करोड़ों बेरोजगारों और मजदूरों के लिए सम्मानजनक जीवन जीने की गारंटी है। तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने गांधी जी के 'ग्राम स्वराज' के सपने को साकार करने के लिए इसे लागू किया था, लेकिन आज की सरकार उनके नाम को ही मिटाने पर तुली है, जो बेहद निंदनीय है।"

वैश्विक अपमान का लगाया आरोप पत्रकार वार्ता के दौरान बन्ना ने अंतरराष्ट्रीय संदर्भ देते हुए कहा कि महात्मा गांधी की स्वीकार्यता पूरी दुनिया में है। उन्होंने याद दिलाया कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा तक गांधी जी को अपनी प्रेरणा और वैश्विक आदर्श मान चुके हैं। ऐसे में अपने ही देश की एक क्रांतिकारी योजना से उनका नाम हटाना देश की आजादी की लड़ाई और उसके मूल संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह धीरे-धीरे गरीबों से उनका रोजगार छीनने की साजिश रच रही है।

कमजोर वर्गों पर प्रहार जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल ने अपने संबोधन में कहा कि गांधी जी का पूरा जीवन गरीब, आदिवासी और वंचित समाज के उत्थान के लिए समर्पित था। मनरेगा ने इन्हीं वर्गों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। सरकार का यह कदम गरीबों के अधिकारों पर प्रहार है और कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्वनाथ मिश्र द्वारा किया गया।

चेतावनी और उपस्थिति कांग्रेस नेताओं ने हुंकार भरते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मनरेगा के स्वरूप या इसके नाम के साथ छेड़छाड़ बंद नहीं की, तो इस आंदोलन को ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से पद्मेश गौतम, गोविंद नारायण तिवारी, सुनीता पटेल, हिंछ लाल पटेल, बृजेंद्र शुक्ला, नृर्पेंद्र सिंह, जुल्फी लाल साकेत, शिवलाल साकेत, उमाकांत पटेल, शेख मुख्तार सिद्दीकी, अरुणा तिवारी, नरेंद्र सिंह, गुरु प्रसाद तिवारी, आशुतोष तिवारी, रोहित पटेल, वीर बहादुर सिंह, निलेश केसरी, ओमप्रकाश तिवारी, अनिल तिवारी, राजमणि पटेल, अनुराधा साकेत, दिनकर मिश्रा (राल्ही), मृत्युंजय चतुर्वेदी, अखिलेश पटेल, शशिकांत त्रिपाठी सहित सैकड़ों कांग्रेसजन शामिल हुए।



Post a Comment

Previous Post Next Post