ग्राम बमूलिया दारेाहा के ग्रामीण भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से ज्ञापन के माध्यम से की मांग mang Aajtak24 News

 

ग्राम बमूलिया दारेाहा के ग्रामीण भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से ज्ञापन के माध्यम से की मांग mang Aajtak24 News 

सीहोर - जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के दुरूस्त होने के दावे भले ही किए जाते हैं, लेकिन हकीकत तो यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के बीमार होने पर भगवान ही उनका मालिक होता है। इस सम्बध्ंा में ग्राम के सरपंच व ग्रामीणजनों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि श्यामपुर क्षेत्र के बमूलिया दोराहा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आने वाले ग्राम गोपालपुरा, बमूलिया दोराहा, पडिय़ाला, हिनोती, बुरी, भोजाखेड़ी आदि ग्राम के सरपंच व ग्रामीणजनों ने  इन गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कुछ नहीं है। बीमार होने पर ग्रामीणों को सीहोर और भोपाल जाने के लिए 50 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस बीच कई बार हालत गंभीर होने पर बीमार व्यक्ति रास्ते में ही दम तोड़ देता है। यहाँ तक की बुजुर्गों का बीपी शुगर चैक करने वाला भी कोई नही है। महिलाओं की डिलेवरी भी भोपाल-सीहोर में कराना पड़  रही है। बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर ग्रामीण आवाज तो उठाते हैं, लेकिन उनकी मांगों पर शासन प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। ग्राम पंचायत बमूलिया दोराहा, ग्राम पंचायत पडिय़ाला, ग्राम पंचायत बर्री के सरंपच, सचिव सहित अनेक ग्रामीणों ने एक बार फिर आवाज को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह सहित उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल, प्रमुख सचिव, मिशन संचालक प्रियंका दास सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने मांग की है। उन्होंने बताया कि श्यामपुर के ग्राम गोपालपुरा, ग्राम बमूलिया दौराहा, ग्राम पडियाला, ग्राम हिनोती, ग्राम बुरी, ग्राम भोजाखेड़ी आदि  06 ग्रामों की आबादी छह  हजार से अधिक है। इन छह गांवों के लिए बमूलिया दोराहा में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र है, लेकिन यहाँ डॉक्टरों को तैनात करना दूर की बात रही। एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तक सालों से पदस्थ नहीं हो सका है, जो प्राथमिक उपचार ग्रामीणों को दे सके।  आवेदन में कहा कि ग्रामीणों के थोड़ा भी बीमार होने पर सीहोर, भोपाल या श्यामपुर जाना पड़ता है। इन गांवों से सीहोर और भोपाल की दूरी 50 किलोमीटर है। वहीं श्यामपुर करीब 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। ऐसी स्थिति में बीमार व्यक्ति के सीहोर, भोपाल या श्यामपुर तक लाने में रास्ते में ही मौत हो जाती है। ज्ञापन में इन छह गांवों के लिए बमूलिया दोराहा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में  सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) पदस्थ करने की मांग की है। ताकि बीमार ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य मिल सके। वहीं गंभीर बीमार होने पर उन्हें सीहोर या भोपाल  इलाज के लिए समय पर पहुंच सकें। सीहोर जिले के ग्राम बमुलिया दौराहा कि ग्रामीण जनता भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर उपमुख्यमंत्री स्वास्थ्य विभाग को ज्ञापन सौंप कर गांव में तत्काल स्वास्थ्य अधिकारी भेजने एवं गाँव में स्वास्थ्य व्यवस्था सुद्रण करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने  वाले में प्रमुख रूप से विनोद कुमार जाट, बनवारी लाल, मेहरबान सिंह, राम सिंह, राजेंद्र मीणा सहित अन्य ग्रामीण जन उपस्थित रहे।



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