मनगवां में बिजली विभाग पर बरसे विधायक: भारी बिल और अघोषित कटौती पर अधिकारियों को दी 'करंट' वाली चेतावनी Aajtak24 News

मनगवां में बिजली विभाग पर बरसे विधायक: भारी बिल और अघोषित कटौती पर अधिकारियों को दी 'करंट' वाली चेतावनी Aajtak24 News

रीवा/मनगवां - रीवा जिले की मनगवां विधानसभा सीट इन दिनों भीषण गर्मी के साथ-साथ बिजली विभाग की कथित मनमानी की तपिश झेल रही है। क्षेत्र में अत्यधिक बिजली बिलों और बिना किसी पूर्व सूचना के की जा रही अघोषित कटौती ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार को क्षेत्रीय विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने जनता के बीच पहुँचकर उनकी पीड़ा सुनी और मौके पर मौजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के सख्त निर्देश दिए।

बिलों का 'मायाजाल': ₹100 से ₹25,000 तक का सफर

क्षेत्रीय निवासियों ने विधायक के समक्ष अपना दुखड़ा रोते हुए बताया कि विभाग द्वारा भेजे जा रहे बिलों का कोई तार्किक आधार नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिन घरों का बिल पहले ₹100 से ₹200 के बीच आता था, अब बिना किसी अतिरिक्त लोड या उपयोग के वही बिल ₹1,400 से लेकर ₹25,000 तक पहुँच रहा है। इस 'आसमानी' बिलिंग ने मध्यम और गरीब वर्गीय परिवारों की कमर तोड़ दी है। जनता का कहना है कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि वे परिवार पालें या विभाग का मनमाना बिल भरें।

भूसौल गांव में 'त्राहि-त्राहि': 6 दिन से गुल है बिजली

ग्राम भूसौल के निवासियों ने विधायक को बताया कि उनका पूरा गांव पिछले 6 दिनों से अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश उपभोक्ताओं ने अपने बिल जमा कर दिए हैं, इसके बावजूद कनिष्ठ यंत्री (JE) ने पूरे गांव की बिजली काट दी है। भीषण गर्मी और पानी की किल्लत के बीच ग्रामीण 'त्राहि-त्राहि' कर रहे हैं। विधायक ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल बिजली बहाल करने के निर्देश दिए।

विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति का कड़ा रुख

जनता की शिकायतों को सुनने के बाद विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने मीडिया और अधिकारियों से मुखातिब होते हुए स्पष्ट किया कि वे किसी भी सूरत में ईमानदार उपभोक्ताओं का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने विभाग के लिए निम्नलिखित 'लक्ष्मण रेखा' तय की है:

  1. कनेक्शन काटने पर पाबंदी: यदि किसी उपभोक्ता ने अपना बिल जमा कर दिया है, तो उसका कनेक्शन किसी भी परिस्थिति में नहीं कटना चाहिए। यदि ऐसा होता है, तो संबंधित अधिकारी पर सीधी कार्रवाई होगी।

  2. गाँव-गाँव लगेंगे शिविर: बिलों में सुधार के लिए विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे गाँव-गाँव जाकर कैंप लगाएं और मौके पर ही विसंगतियों को दूर करें।

  3. 10% जमा पर बहाल होगी बिजली: यदि किसी ट्रांसफार्मर पर भारी बकाया है, तो वहां शिविर लगाकर कुल बकाया का कम से कम 10% जमा कराते ही बिजली तुरंत चालू की जाए ताकि पूरा गांव अंधेरे में न रहे।

विधायक ने कनिष्ठ यंत्री (JE) को निर्देशित किया कि वे उन उपभोक्ताओं की तत्काल सूची तैयार करें जिनका बिल जमा है और उनकी आपूर्ति बहाल करें। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, "मैं आपकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूँ। बिजली की इन समस्याओं और बिलों की विसंगतियों को लेकर मैं जल्द ही भोपाल स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों और सरकार के समक्ष अपनी बात रखूंगा ताकि क्षेत्र की जनता को स्थायी राहत मिल सके। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और विद्युत विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। क्षेत्र में विधायक के इस कड़े रुख की काफी चर्चा हो रही है।



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