“गुस्से में अंधा हुआ पिता, डेढ़ साल के मासूम को ईंट से पीट-पीटकर मार डाला, जांजगीर में दिल दहला देने वाली वारदात

“गुस्से में अंधा हुआ पिता, डेढ़ साल के मासूम को ईंट से पीट-पीटकर मार डाला, जांजगीर में दिल दहला देने वाली वारदात

जांजगीर-चांपा - छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने घरेलू विवाद के चलते अपने ही डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस अमानवीय वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। थाना पामगढ़ पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी शिवाजी निषाद (35 वर्ष) निवासी हिर्री केवट मोहल्ला, थाना पामगढ़, ने 25 मार्च की सुबह करीब 10:30 बजे अपने बेटे अनुराग को गोद में उठाकर घर से बाहर निकला। उसकी हरकतें संदिग्ध लगने पर बच्चे की दादी सीता बाई निषाद उसके पीछे-पीछे गईं। जब वे एक खंडहर मकान के पास पहुंचीं, तो उन्होंने जो देखा वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था।

आरोपी पिता अपने ही मासूम बेटे के सिर पर ईंट के टुकड़े से बार-बार वार कर रहा था। यह दृश्य देख दादी ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया और उनके सिर पर ईंट से चोट पहुंचाई। किसी तरह सीता बाई ने बच्चे को आरोपी के कब्जे से छुड़ाया और घर लेकर आईं। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही मासूम अनुराग ने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार में मातम पसर गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना पामगढ़ में अपराध क्रमांक 132/2026 के तहत धारा 103(1) और 115(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में थाना पामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सावन सारथी, उप निरीक्षक संतोष बंजारे, आरक्षक रामदुलार साहू, राजेश कोशले, राघवेंद्र, भुवनेश्वर पटेल, विनोद मनहर और लखेश्वर पाटले का सराहनीय योगदान रहा। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि घरेलू विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं। मासूम की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या गुस्सा इंसान को इतना अंधा बना सकता है कि वह अपने ही खून का कत्ल कर दे?

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और सभी आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



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