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| हाईवे के ढाबों पर डीजल का कथित अवैध कारोबार, संदिग्ध सामानों की खरीद-बिक्री पर सवाल |
रीवा/मऊगंज। रीवा और नवीन जिला मऊगंज से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों तथा ग्रामीण मार्गों पर संचालित कुछ ढाबों की गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ स्थानों पर भारी वाहनों से डीजल निकालकर उसका संग्रहण और बिक्री की जाती है। इसके अलावा सीमेंट, गेहूं, धान और अन्य परिवहन सामग्री की कथित संदिग्ध खरीद-बिक्री को लेकर भी जांच की मांग उठ रही है।
ट्रकों से डीजल निकालने और बेचने का आरोप
आरोपों के मुताबिक, कुछ ढाबों पर ट्रक, टैंकर और सीमेंट परिवहन करने वाले भारी वाहनों से डीजल निकालकर जमा किया जाता है। बाद में इसे अन्य वाहन चालकों को बेचे जाने की आशंका जताई जा रही है। यदि ऐसा हो रहा है तो यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि ईंधन के अवैध भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों के उल्लंघन का विषय भी हो सकता है।
सीमेंट और खाद्यान्न की खरीद-बिक्री पर भी सवाल
कुछ ढाबों पर सीमेंट की बोरियों, गेहूं, धान और अन्य परिवहन सामग्री की संदिग्ध खरीद-बिक्री की चर्चा है। ऐसी सामग्री कहां से आती है, उसे बेचने वाले लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं और खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है। हालांकि, बिना प्रमाण किसी सामग्री को चोरी का माल कहना उचित नहीं होगा। वास्तविक स्थिति दस्तावेजों और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
NH-30 और NH-135 के आसपास जांच की मांग
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 और 135 सहित ग्रामीण मार्गों पर संचालित कुछ ढाबों की गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। विशेष रूप से गढ़ क्षेत्र के कुछ ढाबों को लेकर शिकायतों और चर्चाओं की निष्पक्ष पड़ताल किए जाने की मांग है। आरोप यह भी हैं कि संबंधित विभागों की पर्याप्त निगरानी नहीं होने से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। हालांकि, किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत का दावा जांच और प्रमाण के बिना नहीं किया जा सकता।
डीजल के भंडारण से आगजनी का खतरा
इस पूरे मामले का एक गंभीर पहलू सुरक्षा से जुड़ा है। यदि किसी ढाबे पर बड़ी मात्रा में डीजल का अनधिकृत और असुरक्षित भंडारण किया जा रहा है, तो आगजनी की आशंका बनी रहती है। ढाबों पर यात्री, परिवार और वाहन चालक रुकते हैं। ऐसे स्थानों पर ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित भंडारण किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। इसलिए भंडारण की जगह, मात्रा और सुरक्षा मानकों की जांच भी जरूरी है।
संयुक्त जांच से सामने आ सकती है वास्तविकता
प्रशासन से मांग की जा रही है कि पुलिस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, जिला आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग और अग्निशमन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी समन्वय बनाकर जांच अभियान चलाएं। इसमें डीजल के स्रोत, भंडारण और बिक्री से संबंधित दस्तावेजों के साथ सीमेंट एवं खाद्यान्न की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जाए।
यदि किसी स्थान पर चोरी का माल, अवैध ईंधन कारोबार या नियम विरुद्ध भंडारण पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, जांच के दौरान यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि राष्ट्रीय राजमार्गों के किन ढाबों पर सुरक्षा और व्यापार संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि के बाद ही कार्रवाई होगी, या समय रहते जांच कर संभावित खतरे को रोका जाएगा? रीवा और मऊगंज के राष्ट्रीय राजमार्गों पर संचालित ढाबों की निष्पक्ष जांच से ही इन सवालों का जवाब सामने आ सकेगा।
