रीवा: पुरास पंचायत में मनरेगा और सरकारी योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार का आरोप, RTI दबाने में जुटे जिम्मेदार Aajtak24 News

रीवा: पुरास पंचायत में मनरेगा और सरकारी योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार का आरोप, RTI दबाने में जुटे जिम्मेदार Aajtak24 News

रीवा - जनपद पंचायत रीवा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पुरास इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी का गढ़ बन चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान सरपंच, शासकीय महिला सचिव और रोजगार सहायक मिलकर शासकीय योजनाओं की राशि का खुलेआम बंदरबांट कर रहे हैं। पंचायत में हुए करोड़ों के घोटालों की पोल न खुल जाए, इसके लिए ग्रामीणों द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी जा रही जानकारियों को भी दबाया जा रहा है और कर्मचारी जानकारी देने से साफ मना कर रहे हैं।

कागजों पर 'एक बगिया मां के नाम', धरातल पर योजना गायब

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए 'एक बगिया मां के नाम' योजना शुरू की गई थी। पुरास पंचायत में यह योजना सिर्फ कागजों और फाइलों तक ही सीमित रह गई है। कागजों में तो हितग्राहियों के नाम पर बगिया लहलहा रही है और सरकारी राशि का आहरण भी हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत में धरातल पर एक भी बगिया नजर नहीं आ रही है।

बारात घर के अंदर बना दिया 'खेत तालाब'!

भ्रष्टाचार की हद तो तब पार हो गई जब मध्य प्रदेश शासन की 'खेत तालाब योजना' की नियमों को ताक पर रखकर धज्जियां उड़ाई गईं। आम जनता और मवेशियों को पानी की सुविधा देने के लिए आने वाली इस योजना का लाभ पंचायत के एक रसूखदार और करोड़पति व्यक्ति को दे दिया गया। सूत्रों का दावा है कि यह खेत तालाब किसी कृषि भूमि पर नहीं, बल्कि एक नवनिर्मित बारात घर के अंदर (बाउंड्रीवॉल के भीतर) बना दिया गया है, जो मनरेगा के नियमों का खुला उल्लंघन है। बाकी पूरी पंचायत में कहीं भी नया खेत तालाब ढूंढने से भी नहीं मिलता।

जॉब कार्ड और निर्माण कार्यों में व्यापक गड़बड़ी, जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सरपंच से लेकर वर्तमान सरपंच के कार्यकाल तक पंचायत के अंदर भस्मासुर की तरह भ्रष्टाचार फैला हुआ है। चाहे वह पीसीसी सड़क निर्माण हो, नाली निर्माण हो या फिर तालाब गहरीकरण का कार्य—सभी में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है।

RTI देने से क्यों भाग रहे जिम्मेदार? ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि अगर ग्राम पंचायत पुरास में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है, तो वर्तमान सरपंच और शासकीय महिला सचिव अपने विकास कार्यों और खर्चों की जानकारी सार्वजनिक करने से पीछे क्यों हट रहे हैं?

स्थानीय जनता ने मनरेगा के तहत बनाए गए जॉब कार्डों की सूची, मस्टरोल और निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में स्थानीय स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी तक संलिप्त हैं, जिसके कारण दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

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