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| रीवा; सिर्फ आश्रय नहीं, अब ‘आत्मनिर्भर मॉडल’ बनेंगी गौशालाएं… रीवा में डिप्टी CM का बड़ा विजन Aajtak24 News |
रीवा - निराश्रित गौवंश की देखरेख और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में संचालित गौधामों को अब आत्मनिर्भर मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में हिनौती गौधाम और बसामन मामा गौ वन्य विहार के निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हिनौती गौधाम और बसामन मामा गौ वन्य विहार केवल निराश्रित गौवंश के आश्रय स्थल नहीं, बल्कि प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के नए मॉडल बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि गौवंश प्राकृतिक खेती की आधारशिला है और इन परियोजनाओं को आत्मनिर्भर गौशालाओं के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन सभी शेड तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। कामधेनु शेड में एक सप्ताह के भीतर दरवाजे लगाकर लोकार्पण कराने तथा सुरभि और नंदनी शेड का 10 जून तक उद्घाटन करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि निजी पूंजी निवेश से तीन नए गौशाला शेडों का निर्माण शुरू किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने इनका निर्माण 20 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही गौधाम परिसर में 5 हजार पौधों के रोपण, बाउंड्रीवाल निर्माण और चारागाह विकास की तैयारियां अभी से शुरू करने को कहा।
गौधाम को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क निर्माण कार्य को भी जल्द शुरू करने की जानकारी दी गई। प्रशासन का कहना है कि इस सड़क के बनने से गौधाम तक पहुंच आसान होगी और संचालन व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बसामन मामा गौ वन्य विहार को मॉडल गौशाला बताते हुए कहा कि इससे आसपास के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़कर नई पहचान दी जा सकती है। उन्होंने जल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे कॉजवे और स्टॉपडैम निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि दोनों गौशालाओं की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और सभी निर्माण कार्य समयसीमा में पूरे कराए जाएंगे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, विन्ध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति, वन मंडलाधिकारी लोकेश निरापुरे, सीईओ जिला पंचायत मेहताब सिंह गुर्जर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- प्रदेश में कई गौशालाओं में अव्यवस्था और फंड की कमी के आरोप लगते रहे हैं, तो इन “आत्मनिर्भर” मॉडल गौशालाओं की आर्थिक व्यवस्था वास्तव में कैसे चलेगी?
- निर्माण कार्यों के लिए बार-बार समयसीमा तय की जाती है, लेकिन क्या प्रशासन देरी होने पर संबंधित एजेंसियों और ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय करेगा?
- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात हो रही है, लेकिन क्या आसपास के किसानों को इसके लिए कोई आर्थिक प्रोत्साहन, प्रशिक्षण या बाजार उपलब्ध कराया जाएगा?
