करही गोलीकांड का पर्दाफाश: "ऑपरेशन हंट" के तहत जांजगीर-चांपा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

करही गोलीकांड का पर्दाफाश: "ऑपरेशन हंट" के तहत जांजगीर-चांपा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

जांजगीर-चांपा - छत्तीसगढ़ के थाना बिर्रा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करही में हुए चर्चित और सनसनीखेज गोलीकांड मामले में जिला पुलिस को एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष रणनीतिक अभियान “ऑपरेशन हंट” के तहत इस अंधे कत्ल की गुत्थी को पूरी तरह से सुलझा लिया गया है। पुलिस ने वारदात में शामिल 3 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने आपसी रंजिश, आर्थिक तरक्की से जलन और उधारी के विवाद में इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था।

क्या थी हत्या के पीछे की मुख्य वजह?

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि मृतक आयुष कश्यप की लगातार बढ़ रही आर्थिक प्रगति, सामाजिक प्रभाव और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा के कारण आरोपी अंदर ही अंदर द्वेष और जलन की भावना से ग्रसित थे। इसके अलावा, मुख्य आरोपी भूषण बघेल के भाई द्वारा लिए गए उधारी के पैसों को लेकर भी मृतक के परिवार से उनका लगातार विवाद चल रहा था। इसी प्रतिशोध और व्यावसायिक घाटे का बदला लेने के लिए आरोपियों ने मिलकर आयुष को रास्ते से हटाने की खूनी साजिश रची थी।

23 अप्रैल की वह खौफनाक रात

घटना का संक्षिप्त विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि बीती 23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात को ग्राम करही में 3 नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर आयुष कश्यप के घर में घुसे थे। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों के सहयोगियों ने घर के आसपास लगे CCTV कैमरे तोड़ दिए थे। इसके बाद आरोपियों ने सबसे पहले मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद किया, ताकि कोई मदद के लिए बाहर न आ सके।

बदमाश सीधे आयुष कश्यप के कमरे में दाखिल हुए और सो रहे आयुष पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान जब आयुष का छोटा भाई बीच-बचाव करने आया, तो बेरहम बदमाशों ने उस पर भी गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

07 राज्यों तक फैला जांच का जाल, ऐसे चला "ऑपरेशन हंट"

मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल और एएसपी उमेश कुमार कश्यप तत्काल फॉरेंसिक व डॉग स्क्वॉड की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। बिलासपुर रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर रेंज स्तरीय विशेष टीम का गठन किया और करही गांव में ही एक विशेष पुलिस कैंप स्थापित कर दिया।

इस अंधे कत्ल के सुराग तलाशने के लिए पुलिस की टीमों ने देश के 7 राज्यों (गुजरात, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर) में ताबड़तोड़ दबिश दी। साइबर और आसूचना टीम की मदद से 200 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए और सैकड़ों संदिग्धों से पूछताछ की गई।

प्रशिक्षण से वापस लौटते ही पुलिस अधीक्षक (SP) श्री विजय कुमार पाण्डेय ने कमान संभाली। वे सीधे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्होंने “ऑपरेशन हंट” लॉन्च किया। जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी भूषण बघेल के पास कुछ समय पहले एक अवैध हथियार देखा गया था। जब भूषण को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर जुर्म कबूल कर लिया।

आरोपियों की पहचान और सामग्री बरामद

पुलिस ने इस मामले में करही निवासी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:

  1. भूषण बघेल (उम्र 23 वर्ष) - वार्ड नंबर 01

  2. हेमंत कुमार बघेल (उम्र 23 वर्ष) - वार्ड नंबर 11

  3. अमित टंडन (उम्र 28 वर्ष) - वार्ड नंबर 09

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक भरी हुई मैगजीन, एक अतिरिक्त खाली मैगजीन और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस का कहना है कि इस घटना के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य मददगारों की तलाश अभी जारी है, जिन्हें जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

पूरी पुलिस टीम की सराहना, मिलेगा इनाम

इस बेहद पेचीदा और जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने में जिला पुलिस बल, साइबर थाना जांजगीर, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला और रेंज साइबर सेल के अधिकारियों-कर्मचारियों ने दिन-रात एक कर सराहनीय भूमिका निभाई। इस शानदार सफलता पर पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री रामगोपाल गर्ग ने पूरी टीम की पीठ थपथपाते हुए उचित नकद इनाम देने की घोषणा की है। इस खुलासे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।

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