![]() |
| वैश्विक रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री |
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से अमेरिकी विदेश मंत्री एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत में अमेरिकी दूतावास के राजनयिकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच हो रहे इस हाई-प्रोफाइल दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर रहेगा मुख्य फोकस
इस यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री और भारतीय विदेश मंत्री के बीच एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक होगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस महाचर्चा में दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को गहरा करने, अत्याधुनिक तकनीकों के हस्तांतरण (Critical Technologies) और द्विपक्षीय व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके अलावा, आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत बनाने जैसे अहम आर्थिक मुद्दों पर भी सहमति बनाने की कोशिश होगी।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक मुद्दों पर साझा रणनीति
माना जा रहा है कि इस बैठक में हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए क्वाड (QUAD) देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ ही, वर्तमान में चल रहे विभिन्न वैश्विक विवादों, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दोनों लोकतांत्रिक देशों की साझा भागीदारी को लेकर भी रणनीतिक रूपरेखा तैयार की जाएगी।
शीर्ष नेतृत्व से भी कर सकते हैं मुलाकात
अपने इस संक्षिप्त लेकिन बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के शीर्ष नेतृत्व से भी शिष्टाचार मुलाकात कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दौरा दोनों देशों के बीच 'वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' को एक नई दिशा और गति देने में मील का पत्थर साबित होगा। इस बैठक के बाद दोनों देशों की ओर से एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य भी जारी किया जा सकता है, जिसमें भविष्य के साझा लक्ष्यों की घोषणा होने की उम्मीद है।
